दिल्लीः 'इनके' बिना नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल
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प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) के बिना अब दिल्ली में पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा। पर्यावरण मंत्रालय के इससे जुड़े प्रस्ताव को उपराज्यपाल नजीब जंग ने मंजूरी दे दी है। अधिकारियों के मुताबिक, दिवाली से पहले इसकी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
दिल्ली की आबोहवा साफ करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया था। इसमें पीयूसी की अनिवार्यता पर विचार किया गया।
सूत्र बताते हैं कि इस दौरान परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कानूनी प्रावधान की गैर मौजूदगी का हवाला देते हुए हाथ खड़े कर दिए थे, लेकिन पर्यावरण मंत्रालय की दलील थी कि इसका प्रावधान उसी कानून से हो सकता है जिसमें डीजल पर अधिभार लगाया है।
पीयूसी के लिए दिया जाएगा हफ्ते का समय
इसके बाद प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी पर्यावरण विभाग पर डाली गई। बाद में मंजूरी के लिए उपराज्यपाल को भेजा गया। अधिसूचना जारी होने के बाद वाहन चालकों को पीयूसी बनवाने के लिए एक हफ्ते का समय दिया जाएगा।
फिर भी, अगर वाहन चालकों ने लापरवाही बरती तो पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा। बिना पीयूसी पकड़े जाने पर पहली बार में एक हजार रुपये व दूसरी बार दो हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है।
पचास फीसदी वाहनों का पीयूसी नहीं
परिवहन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि 80 लाख वाहनों में से पचास फीसदी वाहन नियमित प्रदूषण की जांच नहीं कराते। जबकि वायु प्रदूषण में वाहनों के धुएं की भागीदारी करीब 70 फीसदी है।
2010 से पहले रजिस्टर वाहनों को साल में चार बार जांच करानी होती है। वहीं, उसके बाद रजिस्टर यूरो-4 वाहनों को साल में एक बार पीयूसी लेना अनिवार्य है। दिल्ली में 525 पीयूसी केंद्र हैं, जहां से जांच कराई जा सकती है।