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तीन घंटे में हटा दिए जाएंगे सोशल मीडिया पर प्रचार वाले पोस्ट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की निगरानी
Fri, 29 Mar 2019 05:44 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 29 Mar 2019 05:44 AM IST
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सोशल मीडिया के जरिये राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों का प्रचार करने वालों पर अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिये नजर रखी जाएगी। अगर किसी सोशल साइट पर आचार संहिता का उल्लंघन करने वाला किसी पोस्ट की शिकायत मिलती है तो मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की टीम तीन घंटे के अंदर उसे सोशल साइट से हटा देगी। ट्विटर, फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया की तमाम गतिविधियों पर चुनाव अधिकारियों की पैनी निगाहें होंगी।
बृहस्पतिवार को लोदी रोड स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में सोशल मीडिया के जरिये राजनीतिक चुनाव प्रचार पर आयोजित परिचर्चा के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह ने ये बातें कहीं।
परिचर्चा में मौजूद पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त एसवाई कुरैशी ने प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों के चुनाव खर्च से संबंधित ब्यौरा पर नजर रखने को अहम बताते हुए कहा। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित बायोपिक का जिक्र करते हुए इस मामले पर चुनाव आयोग के आला अधिकारी ही तय करेंगे कि आचार संहिता का उल्लंघन है या नहीं।
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इस मौके पर पूर्वी दिल्ली के जिला चुनाव अधिकारी के. महेश ने कहा कि 2014 चुनाव के बाद से ही सोशल साइट से जुड़े नियमों में बदलाव किया जाना चाहिए। उन्होंने आरपी एक्ट 1951 में पेड न्यूज को लेकर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदान से 48 घंटे पहले आचार संहिता के उल्लंघन के मामले तीन घंटे के अंदर निपटाया जाना चाहिए।
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बृहस्पतिवार को लोदी रोड स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में सोशल मीडिया के जरिये राजनीतिक चुनाव प्रचार पर आयोजित परिचर्चा के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह ने ये बातें कहीं।
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परिचर्चा में मौजूद पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त एसवाई कुरैशी ने प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों के चुनाव खर्च से संबंधित ब्यौरा पर नजर रखने को अहम बताते हुए कहा। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित बायोपिक का जिक्र करते हुए इस मामले पर चुनाव आयोग के आला अधिकारी ही तय करेंगे कि आचार संहिता का उल्लंघन है या नहीं।
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इस मौके पर पूर्वी दिल्ली के जिला चुनाव अधिकारी के. महेश ने कहा कि 2014 चुनाव के बाद से ही सोशल साइट से जुड़े नियमों में बदलाव किया जाना चाहिए। उन्होंने आरपी एक्ट 1951 में पेड न्यूज को लेकर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदान से 48 घंटे पहले आचार संहिता के उल्लंघन के मामले तीन घंटे के अंदर निपटाया जाना चाहिए।
मतदान से 48 घंटे पहले खुद ही बगैर शिकायत के होगी कार्रवाई
अगर किसी भी प्रत्याशी विशेष के प्रचार के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर आचार संहिता का उल्लंघन किया जाता है तो उस पर तत्काल शिकंजा कसा जाएगा।
मतदान से 48 घंटे पहले प्रचार थमने के बाद किसी भी सोशल मीडिया पर नियमों की अनदेखी की पोस्ट हो तो उसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से हटा दिया जाएगा। इसके लिए किसी की शिकायत जरूरी नहीं होगी।
मतदान से 48 घंटे पहले प्रचार थमने के बाद किसी भी सोशल मीडिया पर नियमों की अनदेखी की पोस्ट हो तो उसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से हटा दिया जाएगा। इसके लिए किसी की शिकायत जरूरी नहीं होगी।