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लोकतंत्र की रक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी: विजेंद्र गुप्ता
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विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, जागरूक नागरिक और मजबूत संवैधानिक संस्थाएं ही लोकतंत्र की असली ताकत
अधिकारों के साथ कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहें लोग, कानून और संस्थाओं का करें सम्मान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए केवल सरकार और संस्थाओं की भूमिका पर्याप्त नहीं है, बल्कि हर नागरिक को भी जागरूक और सक्रिय रहना होगा। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने रविवार को रोहिणी सेक्टर-8 अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ जन-जागरूकता गोष्ठी में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी, संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता और लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान जरूरी है। लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति नागरिकों के विश्वास और उनकी सक्रिय भागीदारी में निहित है। लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा, संवैधानिक मूल्यों का सम्मान और जवाबदेही व पारदर्शिता के सिद्धांतों का पालन जरूरी है। कानून का शासन ही लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूती देता है। लोकतंत्र केवल शासन चलाने की व्यवस्था नहीं, बल्कि जनता की सामूहिक इच्छा और आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। गोष्ठी में दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा, महापौर प्रवेश वाही, निगम पार्षद रीता गोयल और स्मिता कौशिक समेत कई जनप्रतिनिधि और राजनीतिक नेता शामिल हुए।
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अधिकारों के साथ कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहें लोग, कानून और संस्थाओं का करें सम्मान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए केवल सरकार और संस्थाओं की भूमिका पर्याप्त नहीं है, बल्कि हर नागरिक को भी जागरूक और सक्रिय रहना होगा। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने रविवार को रोहिणी सेक्टर-8 अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ जन-जागरूकता गोष्ठी में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी, संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता और लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान जरूरी है। लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति नागरिकों के विश्वास और उनकी सक्रिय भागीदारी में निहित है। लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा, संवैधानिक मूल्यों का सम्मान और जवाबदेही व पारदर्शिता के सिद्धांतों का पालन जरूरी है। कानून का शासन ही लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूती देता है। लोकतंत्र केवल शासन चलाने की व्यवस्था नहीं, बल्कि जनता की सामूहिक इच्छा और आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। गोष्ठी में दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा, महापौर प्रवेश वाही, निगम पार्षद रीता गोयल और स्मिता कौशिक समेत कई जनप्रतिनिधि और राजनीतिक नेता शामिल हुए।
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