राजधानी में बढ़ेगा प्रोपर्टी टैक्स, कुछ मामलों में मिलेगी राहत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजधानी में अगले वित्तीय वर्ष से प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ेगा। भाजपा शासित तीनों नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने की शुरूआत भी कर दी है।
स्थायी समिति की बैठक में शनिवार को बजट को अंतिम रूप देने के दौरान समिति ने गत माह आयुक्त की ओर से टैक्स में बढ़ोतरी संबंधी प्रस्तावों पर मोहर लगा दी।
दक्षिण और पूर्वी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष अगले पखवाड़े में आयुक्त की ओर से लाए गए प्रॉपर्टी टैक्स में बढ़ोतरी संबंधी प्रस्तावों को हरी झंडी देंगे। उनके इस निर्णय पर अगले माह सदन की बैठक में अंतिम मोहर लगेगी।
उत्तरी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष मोहन भारद्वाज ने शनिवार को बजट फाइनल किया। वह इस माह के अंतिम सप्ताह के दौरान सदन की बैठक में बजट प्रस्तुत करेंगे।
प्रॉपर्टी टैक्स के कुछ मामलों में राहत
उन्होंने आयुक्त के प्रॉपर्टी टैक्स की आवसीय श्रेणी ए और बी में 12 के बजाए 14 प्रतिशत, श्रेणी सी, डी और ई में 11 से बढ़ाकर 12 प्रतिशत टैक्स करने के आयुक्त के प्रस्ताव का स्वीकार कर लिया।
उन्होंने गैर आवसीय संपत्तियों का प्रॉपर्टी टैक्स श्रेणी ए से ई तक 15 प्रतिशत किया। वहीं एफ से जी तक 12 प्रतिशत कर दिया। पहले ए व बी श्रेणी वालों को 15 प्रतिशत टैक्स देना पड़ता था, सी से ई श्रेणी वाले 12 प्रतिशत और एफ से एच तक संपत्ति वाले 10 प्रतिशत टैक्स देते थे।
फार्म हाउसों को दो श्रेणी में बांटते हुए रिहायश के लिए उपयोग होने वाले फार्म हाउसों का पांच प्रतिशत टैक्स कम कर दिए। उनको 15 प्रतिशत टैक्स देना होगा।
इसी तरह आवास समिति, आवासीय कल्याण संघ और औद्योगिक एस्टेट वालों को 30 जून तक प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने पर 15 प्रतिशत छूट मिलेगी। उनको यह छूट पहली बार दी गई है।