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नगर निगम ने तहसील कार्यालयों में स्थापित किया संपत्ति कर काउंटर
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Fri, 21 Apr 2017 07:39 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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जमीन व भवनों की खरीद-फारोख्त करने वालों को संपत्ति के बारे में पूरी जानकारी मिले इसके लिए नगर निगम गुरुग्राम द्वारा तहसील कार्यालयों में संपत्ति कर काउंटर स्थापित किया है। यहां निगम कर्मचारियों द्वारा लोगों को संपत्ति संबंधी सभी प्रकार की जानकारी क्रेता व विक्रेता को देंगे। साथ में उस पर संपत्ति कर की भी जानकारी प्रदान की जाएगी।
इस बात की जानकारी शुक्रवार को गुरुग्राम के निगमायुक्त वी. उमाशंकर ने दी। उन्होंने बताया कि तहसील कार्यालय गुरुग्राम, वजीराबाद, कादीपुर, हरसरू तहसील कार्यालय में काउंटर स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा नगर निगम अधिनियम-1994 में वर्णित प्रावधानों के अंतर्गत नगर निगम क्षेत्र में स्थित प्रत्येक भूमि एवं भवनों पर संपत्ति कर लागू है। भूमि-भवन मालिकों को नियमानुसार संपत्ति कर देना अनिवार्य है।
निगमायुक्त ने बताया कि नगर निगम के संज्ञान में यह आया है कि भवन या भूमि की खरीद के पंजीकरण के समय तत्कालीन मालिक द्वारा नगर निगम में संपत्ति कर जमा नहीं करवाया जाता है। इसके परिणामस्वरूप नगर निगम के रिकार्ड में इस प्रकार का संपत्ति कर लंबित रहता है व हरियाणा नगर निगम अधिनियम की हिदायतों के अनुसार संपत्ति कर पर ब्याज भी लगाया जाता है। इस लंबित संपत्ति कर को जमा करवाने के लिए क्रेता व विक्रेता में हर समय विवाद रहता है।
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इस प्रकार के विवादों को दूर करने के लिए नगर निगम द्वारा तहसील कार्यालयों में संपत्ति कर की जानकारी देने के लिए काउंटर स्थापित किया गया है। भूमि या भवन का पंजीकरण करवाने से पहले नगर निगम के काउंटरों पर उसके बारे में पूरी जानकारी क्रेता को दी जाएगी।
उमाशंकर ने लोगों से अपील किया है कि नगर निगम सीमा में स्थित किसी भी प्रकार के भवन या भूमि की खरीद-फारोख्त संबंधी पंजीकरण करवाने से पहले तहसील कार्यालय में स्थापित नगर निगम के काउंटरों पर उक्त भवन या भूमि के बकाया संपत्ति कर के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर लें ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी प्रक्रिया का सामना नहीं करना पड़े।
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इस बात की जानकारी शुक्रवार को गुरुग्राम के निगमायुक्त वी. उमाशंकर ने दी। उन्होंने बताया कि तहसील कार्यालय गुरुग्राम, वजीराबाद, कादीपुर, हरसरू तहसील कार्यालय में काउंटर स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा नगर निगम अधिनियम-1994 में वर्णित प्रावधानों के अंतर्गत नगर निगम क्षेत्र में स्थित प्रत्येक भूमि एवं भवनों पर संपत्ति कर लागू है। भूमि-भवन मालिकों को नियमानुसार संपत्ति कर देना अनिवार्य है।
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निगमायुक्त ने बताया कि नगर निगम के संज्ञान में यह आया है कि भवन या भूमि की खरीद के पंजीकरण के समय तत्कालीन मालिक द्वारा नगर निगम में संपत्ति कर जमा नहीं करवाया जाता है। इसके परिणामस्वरूप नगर निगम के रिकार्ड में इस प्रकार का संपत्ति कर लंबित रहता है व हरियाणा नगर निगम अधिनियम की हिदायतों के अनुसार संपत्ति कर पर ब्याज भी लगाया जाता है। इस लंबित संपत्ति कर को जमा करवाने के लिए क्रेता व विक्रेता में हर समय विवाद रहता है।
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इस प्रकार के विवादों को दूर करने के लिए नगर निगम द्वारा तहसील कार्यालयों में संपत्ति कर की जानकारी देने के लिए काउंटर स्थापित किया गया है। भूमि या भवन का पंजीकरण करवाने से पहले नगर निगम के काउंटरों पर उसके बारे में पूरी जानकारी क्रेता को दी जाएगी।
उमाशंकर ने लोगों से अपील किया है कि नगर निगम सीमा में स्थित किसी भी प्रकार के भवन या भूमि की खरीद-फारोख्त संबंधी पंजीकरण करवाने से पहले तहसील कार्यालय में स्थापित नगर निगम के काउंटरों पर उक्त भवन या भूमि के बकाया संपत्ति कर के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर लें ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी प्रक्रिया का सामना नहीं करना पड़े।