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घटने वाली हैं प्रॉपर्टी की कीमतें: एनसीआर में घर लेना होगा आसान

Sun, 04 Oct 2015 09:55 AM IST
Updated Sun, 04 Oct 2015 09:55 AM IST
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property rates soon to go down in noida

नोएडा में एक उद्यमी ने सेक्टर-82 में करीब पांच करोड़ रुपये में औद्योगिक प्लॉट खरीदा। सर्किल रेट के हिसाब से इसकी कीमत करीब सात करोड़ रुपये थी। रजिस्ट्री के समय उसे सात करोड़ की कीमत पर ही स्टांप चुकाना पड़ा।

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अगर वे पांच करोड़ पर रजिस्ट्री कराते तो आयकर विभाग का नोटिस झेलना पड़ता। आयकर सर्किल रेट को ही आधार मानकर प्रॉपर्टी की कीमत निकलता है। सर्किल रेट से कम कीमत होने पर टैक्स चुकाना पड़ता है।
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नोएडा में ऐसी संपत्तियों की भरमार है, जिसका बाजार भाव, सर्किल रेट की तुलना में खासा कम है। कई सेक्टरों में संस्थागत, व्यावसायिक, औद्योगिक और कार्यालय उपयोग की संपत्तियों के सर्किल रेट ज्यादा हैं। जबकि इससे कम कीमत पर बाजार से भूखंड मिल जाते हैं।
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खुद रजिस्ट्री विभाग इस बात को स्वीकार कर चुका है। घटते राजस्व के लिए इसे जिम्मेदार माना है। तमाम जिलों से इसी तरह की रिपोर्ट शासन को भेजी गई, जिस पर शासनादेश (संख्या-23/2015-1132/94-स्टा. नि.-2-15-700(287)/2015) जारी हो गया है।

प्रमुख सचिव की तरफ से सूबे के सभी जिलों के डीएम को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि सर्कल रेट रिवाइज करने का मतलब बढ़ाना ही नहीं होता है बल्कि अगर किसी प्रॉपर्टी की कीमत बाजार सेे ज्यादा है तो उसे कम भी करना चाहिए।

इसलिए रेट लिस्ट को फिर से रिवाइज करते हुए जिन संपत्तियों के रेट ज्यादा हैं उनको कम किया जाए। इस शासनादेश से सर्कल रेट रिवाइज होने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में संस्थागत, व्यावसायिक, औद्योगिक, कार्यालय उपयोग और कुछ रिहायशी क्षेत्रों के सर्कल रेट कम हो सकते हैं।

प्रॉपर्टी पर आयकर विभाग की बंदिशें

property rates soon to go down in noida

•विभाग संपत्ति की कीमत सर्किल रेट से निकालता है।
•30 लाख रुपये से अधिक कीमत की रजिस्ट्री का लेखा-जोखा हर साल आयकर विभाग को जाता है।
•विभाग ने पांच लाख रुपये से अधिक कीमत की संपत्ति खरीदने पर पैन नंबर देना अनिवार्य कर दिया है।
•50 लाख रुपये से अधिक कीमत की संपत्ति पर टीडीएस देना होता है। यह जिम्मेदारी विक्रेता की होती है।
•50 लाख रुपये से अधिक कीमत की जिस संपत्ति पर मनी लॉन्ड्रिंग का संदेह होता है तो उसका ब्योरा वित्त मंत्रालय की संस्था वित्तीय जांच इकाई को भी भेजा जाता है।
•20 हजार रुपये से अधिक के नगद लेनदेन पर भी रोक लगने से प्रॉपर्टी बाजार पर असर पड़ा है।
बाजार भाव व सर्कल रेट में अंतर

सेक्टरसर्कल रेटबाजार दर
13546,00040,000
12146,00040,000
14446,00038,000
5190,50065,000
7046,00038,000
7246,00040,000
नोट: बाजार रेट प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन के मुताबिक । सेक्टर-51 में बाजार दर डी, ई और एफ ब्लॉक के हैं। सभी कीमतें रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से।

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