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निजी स्कूलों में फीस वृद्घि पर रोक 28 मई तक बढ़ी
Tue, 21 May 2019 05:56 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 21 May 2019 05:56 AM IST
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सोमवार को हाईकोर्ट ने सरकारी जमीन पर बने निजी स्कूलों में फीस वृद्घि पर अंतरिम रोक 28 मई तक बढ़ा दी है। मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार व निजी स्कूलों ने अपनी दलीलें पेश कीं। दिल्ली सरकार स्कूलों के खातों की जांच के लिए स्वतंत्र कमेटी बनाने पर सहमति जाहिर कर चुकी है।
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न्यायमूर्ति एस मुरलीधर व न्यायमूर्ति आईएस मेहता ने फीस वृद्घि पर रोक को बढ़ाते हुए सुनवाई के लिए 28 मई की तारीख तय की है। दिल्ली सरकार ने एकल पीठ के फैसले को खंडपीठ के समक्ष चुनौती दे रखी है। एकल पीठ ने निजी स्कूलों को फीस बढ़ाने की मंजूरी दे दी थी। दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने 13 अप्रैल 2018 को सर्कुलर जारी कर प्राइवेट स्कूलों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए फीस बढ़ाने से रोक दिया था। प्राइवेट स्कूलों को निर्देश दिए थे कि वह बढ़ाकर ली गई फीस अभिभावकों को वापस कर दें।
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सरकार के इस आदेश के खिलाफ 400 से अधिक प्राइवेट स्कूलों की बनी एक्शन कमेटी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। हालांकि, उन्हें हाईकोर्ट से बीते साल मई में ही अंतरिम राहत मिल गई। हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार के इस आदेश को लागू करने से तब तक के लिए रोक लगा दी जब तक वह इस पर फैसला न सुना दे।
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एकल पीठ ने स्कूल एक्शन कमेटी की उस दलील को माना, जिसमें कहा गया था कि वह फीस वृद्धि शिक्षा निदेशालय के 17 अक्टूबर 2017 में जारी किए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर कर सकते हैं। इसके आधार पर शिक्षा निदेशालय ने गैर सहायता वाले मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। 2017 में शिक्षा विभाग ने तीन आदेशों में फीस बढ़ाने की मंजूरी दी थी।