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छह जून को बंद रहेंगे निजी अस्पताल
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Fri, 02 Jun 2017 10:40 PM IST
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चिकित्सकों के साथ होने वाली मारपीट और उनके खिलाफ बिना जांच कानूनी कार्रवाई करने के विरोध में देश भर के निजी अस्पतालों के डॉक्टर छह जून को दिल्ली कूच करेंगे। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की राष्ट्रीय इकाई के आह्वान को हरियाणा आईएमए ने समर्थन दिया है। आंदोलन में शहर के 200 से ज्यादा डॉक्टर हिस्सा लेंगे। इस वजह से शहर के सभी निजी अस्पताल बंद रहेंगे।
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आईएमए के जिला प्रधान डॉ. सुरेश अरोड़ा ने बताया कि देश भर से पांच हजार डॉक्टर दिल्ली चलो आंदोलन का हिस्सा होंगे। सभी डॉक्टर दिल्ली के राजघाट में इकठ्ठा होंगे और इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम तक पैदल मार्च करेंगे। यहां से एक रैली का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को ज्ञापन सौंपा जाएगा। आईएमए की मुख्य मांगों में डॉक्टरों के साथ हो रही हिंसा-मारपीट से उनकी सुरक्षा करना होगी। ताकि डॉक्टर बिना भय के इलाज कर सकें। उन्होंने बताया कि सरकार से वॉयलेंस अगेंस्ट डॉक्टर एक्ट बनाने और उसे लागू करने की मांग की जाएगी।
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सरकार मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के स्थान पर नेशनल मेडिकल कमीशन लाने की तैयारी कर रही है। इस कमीशन को डॉक्टरों पर जबरदस्ती थोपा जा रहा है। एमसीआई में मेडिकल प्रोफेशनल का चयन किया जाता है। उन्हें डॉक्टरों की सुविधाओं और समस्याओं के बारे में जानकारी होती है, जबकि नेेशनल मेडिकल कमीशन के गठन में नॉन प्रोफेशनल होंगे। इन्हें डॉक्टरों के हितों के बारे में जानकारी नहीं होगी। पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत मामूली गलती होने पर प्राइवेट अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है।
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इससे डॉक्टर का पूरा करियर दाव पर लग जाता है। सरकार के क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट का भी विरोध किया जाएगा, यदि यह लागू हुआ तो छोटे और मंझले अस्पताल और नर्सिंग होम समाप्त हो जाएंगे।
यह एक्ट केवल कारपोरेट अस्पतालों पर लागू होना चाहिए। उन्होंने बताया कि आईएमए क्रॉसपैथी के विरोध में भी है। सरकार ने होम्योपैथी डॉक्टरों को एलोपैथी दवाएं लिखने की छूट दी है, जबकि होम्योपैथी डॉक्टरों को एलोपैथी दवाओं के बारे के ज्ञान नहीं होता है। ऐसे में यह डॉक्टर मरीजों को दवा देकर उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ करेंगे। इसके अलावा डॉक्टर एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान कड़ी मेहनत करके डॉक्टरी पूरी करते हैं, लेकिन सरकार को उनकी काबलियत पर शक होता है। इसके चलते एमबीबीएस के बाद रजिस्ट्रेशन के लिए परीक्षा देने का प्रावधान रखा है, जिसका आईएमए विरोध कर रही है।