तिहाड़ में आत्महत्या: कैदी ने फांसी लगाकर दी जान, नाबालिग को अगवा कर दुष्कर्म के मामले में चार महीने से था बंद
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे खुदकुशी के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। फिलहाल मामले की जांच कर रही है।
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तिहाड़ जेल संख्या पांच के रिकॉर्ड रूम में एक विचाराधीन कैदी ने पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी। कैदी एक नाबालिग लड़की को अगवा कर दुष्कर्म के मामले में चार माह से जेल में बंद था। कैदी रिकॉर्ड रूम में सहायक का काम करता था। पुलिस ने कैदी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की न्यायिक जांच की जा रही है।
जेल के अधिकारियों ने बताया कि मरने वाले कैदी की शिनाख्त ब्रह्म नंद(19) के रूप में हुई है। मूलत: उत्तर प्रदेश के बदायूं के रहने वाला कैदी जेल संख्या पांच में बंद था। उस पर रूप नगर थाना इलाके से एक नाबालिग लड़की को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज था। पुलिस ने फरवरी 2022 में आरोपी को गिरफ्तार किया था। उसके बाद से वह जेल में बंद था।
जेल नियम के मुताबिक जेल प्रशासन कैदियों को काम देता है। बताया जा रहा है कि अच्छा आचरण होने की वजह से ब्रह्म नंद को रिकॉर्ड रूम में सहायक का काम दिया गया था। वह ड्योढ़ी के ऊपर पहली मंजिल पर स्थित कार्यालय में काम करता था। जेल अधिकारियों के अनुसार, 21 जून की सुबह वह अन्य दिनों की तरह काम पर आया था। दोपहर पौने तीन बजे एक सेवादार रिकॉर्ड रूम के पास पहुंचा। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था।
सेवादार ने अन्य लोगों को वहां बुलाया और दरवाजा को धक्का देकर खोला। उन लोगों ने ब्रह्म नंद को पंखे से फंदा की मदद से लटका हुआ पाया। जेल के अस्पताल में तैनात डॉक्टर मौके पर पहुंचे और उसे फंदा से नीचे उतारा। जांच करने पर पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है। बाद में घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर परिवार वालों को घटना की जानकारी दे दी है।