जेल वैन में कैदी की हत्या के पीछे ये रही पुलिस की गलती
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कोर्ट में पेशी के दौरान जेल वैन में कैदियों की हत्या लगातार जारी हैं। अगस्त 2015 में रोहिणी इलाके में जेल वैन में दो कैदियों की हत्या के बाद शनिवार को एक बार फिर हौजखास में जेल में वैन में एक कैदी की हत्या कर दी गई।
दरअसल, जिस वैन में मनोज की हत्या की गई, उसमें लाइव मॉनीटरिंग के लिए लगाए जाने वाला कैमरा नहीं था। यही वजह है कि बदमाशों ने बड़े आराम से मनोज की पीट-पीटकर हत्या कर दी।
बाद में शोर-शराबा होने पर पुलिस को पता चला। बता दें कि रोहिणी मामले में बदमाशों ने जेल वैन में लगे कैमरे का मुंह चालक की ओर करके वारदात को अंजाम दिया था।
ऐसे मामलों को देखते हुए सभी जेल वैन में लाइव मॉनीटरिंग कैमरे लगाने के आदेश दिए गए थे। वारदात के समय वैन में करीब आधा दर्जन सुरक्षाकर्मी थे। जबकि कैदियों की संख्या करीब 50 थी।
वैन बन रही हैं गैंगवार का अड्डा
जेल से कोर्ट में कैदियों की पेशी के दौरान जेल वैन गैंगवार का अड्डा बनती जा रही हैं। अगस्त में नीटू दाबोदा गैंग के दो बदमाश विक्रम पारस उर्फ गोल्डी और प्रदीप भोला की हत्या से पुलिस ने कोई सबक नहीं लिया।
नीरज बवाना गैंग ने दोनों की रोहिणी कोर्ट में पेशी के दौरान हत्या कर दी थी। घटना के बाद वैन में पेशी के लिए ले जाते हुए कैदियों की सुरक्षा पर सवाल उठे थे।
उस समय वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि दो विरोधी गैंग के बदमाशों को अलग-अलग वैन में ही पेश किया जाएगा। लेकिन शनिवार को मनोज के मामले में ऐसा नहीं हुआ। विरोध गैंग के बदमाशों ने मनोज की पीट-पीटकर वैन में ही हत्या कर दी।