Delhi: मजनू का टीला गुरुद्वारा में मनमोहन सिंह के अंतिम अरदास की तैयारियां, कल हुआ था अंतिम संस्कार
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दिल्ली के गुरुद्वारा मजनू का टीला में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के अंतिम अरदास की तैयारियां चल रही हैं। पूर्व प्रधानमंत्री ने 26 दिसंबर को दिल्ली के एम्स में अंतिम सांस ली और कल पूरे राजकीय सम्मान के साथ दिल्ली के निगम बोध घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
#WATCH | Preparations for the final farewell to the former Prime Minister, Dr. Manmohan Singh is going on at Gurudwara Majnu Ka Tilla, Delhi.
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The former PM took his last breath at AIIMS Delhi on December 26th and his last rites were performed at Nigam Bodh Ghat, Delhi with full… pic.twitter.com/7bxLq0R2KZविज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) December 29, 2024
डॉ. मनमोहन सिंह के अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ा हुजूम
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार निगमबोध घाट पर भावनात्मक और गरिमामयी माहौल में संपन्न हुआ। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए राजधानी के लोग और कांग्रेस कार्यकर्ता भावनाओं से भरे माहौल में जगह-जगह एकत्रित हुए। उनकी सादगी, ईमानदारी और देश के प्रति उनके अतुलनीय योगदान को याद करते हुए लोग गमगीन माहौल में उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। इसी तरह कांग्रेस मुख्यालय के समक्ष भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं व लोगों का जमावड़ा रहा।
जगह-जगह कांग्रेसियों व आम लोगों ने अपने प्रिय नेता को दी अंतिम विदाई
डॉ. मनमोहन सिंह के पार्थिव शरीर को जब 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय लाया गया तो वहां पहले से ही बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे। उनके हाथों में फूल, बैनर और पोस्टर थे, जिन पर डॉ. मनमोहन सिंह की तस्वीरें और उनकी प्रशंसा के नारे लिखे हुए थे। उन्होंने ‘डॉ. मनमोहन सिंह अमर रहें’ और ‘भारत के सच्चे सपूत को सलाम’ जैसे नारों के साथ उनकी अंतिम यात्रा को यादगार बनाया। उनकी सादगी और निस्वार्थ सेवा को याद करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ता ने कहा कि डॉ. साहब ने हमेशा देश के बारे में सोचा। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।
डॉ. मनमोहन सिंह का पार्थिव शरीर मुख्यालय से निगम बोध घाट तक ले जाया गया। इस दौरान इंडिया गेट, आईटीओ और राजघाट जैसे मुख्य मार्गों पर उनके अंतिम दर्शनों के लिए लोग खड़े नजर आए। हालांकि, पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए आम जनता और कार्यकर्ताओं को शव यात्रा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी। लोगों को यह बात खल रही थी कि वे अपने प्रिय नेता को श्रद्धांजलि देने और उनकी अंतिम यात्रा का हिस्सा बनने से वंचित रह गए। लेकिन फिर भी, रास्ते के किनारे खड़े रहकर उन्होंने अपने तरीके से श्रद्धा व्यक्त की। उनकी अंतिम यात्रा भले ही पुलिस घेरे में रही, लेकिन उनके प्रति लोगों की श्रद्धा और सम्मान सड़कों और दिलों में स्पष्ट दिखाई दिया।
कड़ी सुरक्षा में हुई दिवंगत नेता की अंत्येष्टि
निगम बोध घाट पर डॉ. मनमोहन सिंह की अंतिम क्रिया संपन्न हुई। घाट पर भी पुलिस की सख्त सुरक्षा व्यवस्था थी, जिससे आम लोगों और कार्यकर्ताओं को प्रवेश की अनुमति नहीं मिली। हालांकि, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने घाट पर उनकी अंतिम क्रिया में भाग लिया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।