प्रसव पीड़ा से कराहती महिला को लौटाया
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नोएडा सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल में शुक्रवार को दर्द से कराह रही गर्भवती महिला को लौटा दिया गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर न होने की बात कही गई और दिल्ली ले जाने की सलाह भी दे डाली। यूपी भवन के कर्मचारी की पुत्रवधु होने के कारण मामला प्रमुख सचिव स्वास्थ्य तक पहुंचा गया।
प्रमुख सचिव ने सीएमएस और सीएमओ से मामले की जानकारी ली है। सेक्टर-15 निवासी दिनेश पांडे यूपी भवन में कैंटीन इंचार्ज हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे गर्भवती बहू बबली के पेट में दर्द हुआ। वह उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। स्टाफ ने यह कहते हुए टाल दिया कि डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं।
यह हालात तब हैं, जब सीएमएस ने खुद स्टाफ को पहले ही फोन कर दिया था। उन्होंने बताया कि एंबुलेंस से बबली को लेकर दिल्ली के लेडी हार्डिंग अस्पताल पहुंचे। वहां भी भर्ती करने को लेकर टाल-मटोल होती रहा। फैजाबाद के सांसद के फोन पर मरीज को भर्ती किया गया।
रात डेढ़ बजे हुई डिलीवरी
रात करीब डेढ़ बजे डिलीवरी हुई और बेटी पैदा हुई। दिनेश ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अरविंद कुमार को पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाद सीएमएस डॉ. आरएनपी मिश्र का फोन आया और उन्होंने मरीज को अस्पताल वापस लाने के लिए कहा, लेकिन लेडी हार्डिंग के डॉक्टरों ने इसकी अनुमति नहीं दी।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरएनपी मिश्र का कहना है कि मरीज के परिजन ऑपरेशन के जरिए डिलीवरी नहीं चाहते थे। मरीज की ऐसी हालत नहीं थी कि उसकी सामान्य डिलीवरी हो सके। डॉक्टर के अस्पताल में नहीं होने का आरोप गलत है। डॉ. निरुपमा ड्यूटी पर मौजूद थीं। परिजन ने एंबुलेंस के ड्राइवर से भी बुरा व्यवहार किया है। प्रमुख सचिव को अस्पताल का पक्ष लिखित में भेजा जा रहा है।