लोकपाल पर प्रशांत का हमला, विश्वास का जवाब
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आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता प्रशांत भूषण ने आप सरकार के जनलोकपाल बिल पर बड़ा हमला बोलते हुए केजरीवाल को आड़े हाथों लिया है। इसके साथ ही प्रशांत ने दिल्ली सरकार के लोकपाल बिल को धोखापाल भी कह दिया।
प्रशांत ने कहा कि अरविंद का जनता के साथ से लोकपाल बिल सबसे बड़ा धोखा है। उन्होंने ये भी कहा कि यह लोकपाल बिल जानबूझकर केंद्र सरकार से टकराव के लिए बनाया गया है।
आम आदमी पार्टी से अलग हो चुके और स्वराज अभियान के नेता प्रशांत भूषण ने दावा किया कि दिल्ली सरकार का नया जनलोकपाल विधेयक अन्ना हजारे वाले लोकपाल से बिल्कुल अलग है।
'अपनी सहूलियत के लिए लाए केजरीवाल ये बिल'
गौरतलब है कि इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन के दौरान अन्ना हजारे के नेतृत्व में लोकपाल बिल का मसौदा तैयार किया गया था, जिसे वो चाहते थे कि केंद्र सरकार भी मानें। इसी कारण केजरीवाल राजनीति में भी आए थे और वो लोकपाल पास न होने के कारण ही पहली बार आप सरकार ने 49 दिन के बाद ही त्यागपत्र दे दिया था।
अब प्रशांत भूषण का कहना है कि दिल्ली सरकार जो बिल लाने वाली है वो अन्ना हजारे वाले लोकपाल जैसा नहीं है क्योंकि स्वतंत्र लोकपाल की नियुक्ति एवं उसे पद से हटाना राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।
प्रशांत ने ये भी कहा कि केजरीवाल ने इस बिल को अपनी सहूलियत के लिए बनाया है। वो कहते हैं कि केजरीवाल जनता से राय लेने की दुहाई देते हैं और इस बिल के लिए जनता से राय भी नहीं ली गई।
'एक भी कॉमा और फुलस्टॉप भी नहीं है बदला'
प्रशांत भूषण ने केजरीवाल पर एक तरह से आरोप लगाते हुए कहा कि अरविंद ये सब सत्ता के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये लोकपाल तो सरकारी लोकपाल से भी बदतर है। अरविंद जवाबदेही नहीं चाहते।
प्रशांत कहते हैं कि केजरीवाल ने देश और दिल्ली के लोगों के साथ धोखा किया है इसलिए उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।
प्रशांत भूषण की इस बात का जवाब देते हुए आप नेता कुमार विश्वास ने ट्वीट किया कि हम रामलीला मैदान में बनाए गए लोकपाल के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। उस लोकपाल में से कुछ भी नहीं बदला गया है यहां तक कि न तो एक भी कॉमा और न ही फुलस्टॉप।
We are committed to the Lokpal exactly what Was drafted and committed at Ramlila Maidan; not even a comma/ full stop changed! (1/2)
— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) November 28, 2015
कुमार विश्वास आगे कहते हैं कि अगर हमारे बनाए गए लोकपाल में सुधार की गुंजाइश होगी तो जरूर उसके अच्छे के लिए हम विधानसभा में जनता के प्रतिनिधियों के द्वारा चर्चा करेंगे।
(2/2) If any scope of betterment is there, it will be thoroughly discussed in the house by the elected representatives of Delhi
— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) November 28, 2015