अटाली पहुंची साध्वी प्राची, दिया विवादित बयान
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विश्व हिंदू परिषद की नेता साध्वी प्राची सोमवार देर रात अटाली गांव पहुंचीं। यहां पर उन्होंने कहा कि बाहरी लोग गांव का सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उनके निशाने पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी रहे।
साध्वी ने कहा कि इस मामले को राजनीतिक रूप दिया जा रहा है। संघर्ष में घायल महिला और युवकों से साध्वी ने मुलाकात की। उन्होंने कहा कि गांव में किसी रूप में धार्मिक स्थल निर्माण नहीं होने दिया दिया जाएगा।
जिस जगह वह सभा को संबोधित कर रही थीं वहां देखते ही देखते हजारों की भीड़ जमा हो गई। उन्होंने कहा कि इस गांव में पिछले 50 साल में किसी तरह की घटना नहीं हुई।
साध्वी पहुंची अटाली और भड़क गईं
साध्वी ने आरोप लगाया कि संघर्ष की शुरुआत समुदाय विशेष के लोगों ने महिलाओं पर पथराव करके की। इसके बावजूद सामाजिक सौहार्द बनाने के लिए लोगों ने एफआईआर दर्ज नहीं कराई।
जबकि बाहरी लोगों को बुला कर मामले को राजनीतिक रूप देने की कोशिश की जा रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। साध्वी के आने की खबर सुनकर एसएचओ प्रीतपाल पुलिस बल के साथ सभा स्थल पर पहुंचे।
साध्वी ने प्रशासन पर सिर्फ एक पक्ष की बात सुनने का आरोप लगाया।
राहत शिविर में बाहरी लोगों का प्रवेश वर्जित
अटाली विवाद सुलझाने में नाकाम पुलिस अब बाहरी लोगों को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रही है। पुलिस ने थाना परिसर में बनाए गए राहत शिविर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है।
मंगलवार को पुलिसकर्मी गेट पर आने-जाने वाले लोगों से पूछताछ कर रहे थे। पिछले दस दिनों से गांव में फैले तनाव को देखते हुए समुदाय विशेष के पीड़ित लोग राहत शिविर में रह रहे हैं।
शिविर में 250 लोग हैं, लेकिन अक्सर यहां 500 से 700 लोग रहते हैं, जिससे थाने का काम प्रभावित हो रहा है। लोग यहां से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं। इससे माहौल खराब होने की संभावना बन रही है।