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न बिजली न पानी, ये कैसी राजधानी!
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 07 Jun 2014 07:45 PM IST
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पूरे दिल्ली एनसीआर में बिजली किल्लत ने लाखों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर रखा है। बिजली न होने के कारण लोगों को पानी संबंधी परेशानी भी उठानी पड़ रही है।
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लोग आए दिन अलग-अलग इलाकों में बिजली-पानी को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, फिर भी कोई राहत नहीं है। एक तो पहले ही गर्मी ने अपने कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ रखा है उसपर ये 10-12 घंटे की बिजली कटौती से लोग बिलबिला जा रहे हैं।
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बच्चे हों या बड़े सब बिजली की इस कटौती से बहुत परेशान हैं। बिजली और पानी की किल्लत को लेकर बल्लभगढ़ स्थित एसडीएम कार्यालय पर शुक्रवार को भाजपा किसान मोर्चा के कार्यकर्र्ताओं ने हंगामा किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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ऐसा नहीं है कि बिजली कटौती से केवल जनता परेशान है बल्कि बिजली निगम को भी बहुत पसीने छूट रहे हैं। इसकी वजह निगम के रेवेन्यू में कमी है। निगम को उगाही से केवल नोएडा में 200 करोड़ रुपए मिलते हैं अन्य निगमों को कितना घाटा हो रहा होगा इसका बस अंदाजा ही लगाया जा सकता है।
कटौती के कारण
- प्रदेश में करीब 2500 मेगावाट बिजली की कमी
- औद्योगिक क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्रों में समन्वय बिठाना
- मुख्यालय से निर्देश मिलने पर बंद होती है सप्लाई
- ट्रांसमिशन डिवीजन से कर दी जाती है आपूर्ति बाधित
- मांग के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं किया जाना
- बढ़ती आबादी और सीमित संसाधन
- बार-बार ट्रांसफार्मर फुंकना, पुराने तारों का टूटना
बिजली वितरण कंपनी टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) की सप्लाई वाले इलाके में डेढ़ लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को अगले दो से तीन दिनों तक बिजली की भारी किल्लत का सामना करना पड़ेगा।
बिजली वितरण कंपनी इसके लिए दिल्ली सरकार की ट्रांसमिशन कंपनी दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (डीटीएल) को जिम्मेदार बता रही है।
टीपीडीडीएल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि शुक्रवार दोपहर 12:45 बजे डीटीएल की बवाना स्थित 400 केवी से डीएसआईडीसी 220 केवी की एक सर्किट ट्रिप हो गई और दूसरे सर्किट पर लोड बढ़ गया।
इसकी वजह से नरेला, स्वरूप नगर, जहांगीरपुरी, अशोक विहार और त्रिनगर इलाकों में घंटों लोड शेडिंग करनी पड़ी। दोपहर ढाई बजे बवाना 400 केवी से जुड़ने वाली डीएसआईडीसी 220 केवी की एक और सर्किट ट्रिप हो गई।
इसे भी ठीक नहीं किया गया, जिसकी वजह से इन इलाकों में बिजली पूरी तरह से प्रभावित हो गई। कंपनी की मानें तो अगले दो से तीन दिनों तक इन्हीं इलाकों में रहने वाले करीब डेढ़ लाख उपभोक्ताओं को बिजली किल्लत का सामना करना पड़ेगा।
इस संबंध में टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्र्रीब्यूशन लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रवीर सिन्हा की ओर से दिल्ली सरकार के ऊर्जा सचिव को पत्र लिखा गया है।
जिसमें जल्द से जल्द ट्रांसमिशन लाइन को ठीक किए जाने और सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के दिशानिर्देशों के अनुसार ट्रांसमिशन लाइन को मजबूत किए जाने की बात कही गई है।
इन इलाकों में होगी बिजली की भारी किल्लत
नरेला, स्वरूप नगर, जहांगीरपुरी, अशोक विहार और त्रिनगर