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Waste to Energy: ओखला में एक और बिजली संयंत्र बनकर तैयार, प्रतिदिन 2000 मीट्रिक टन कचरे के निस्तारण की क्षमता

Tue, 04 Oct 2022 12:31 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 04 Oct 2022 12:31 AM IST
सार

एमसीडी के विशेष अधिकारी अश्विनी कुमार ने कहा कि शहर में सूखे कचरे के निस्तारण के लिए वेस्ट टू एनर्जी प्लांट ही उपाय है। इससे लैंडफिल साइटों पर जमा कचरे को कम किया जा सकता है। 

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power plant ready in Okhla Tehkhand capacity to dispose of 2000 metric tonnes of waste per day
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

ओखला तेहखंड में एमसीडी ने 25 मेगावाट क्षमता का एक और बिजली संयंत्र तैयार कर लिया है। जल्द ही इसका उद्घाटन होने की उम्मीद है। इसकी क्षमता प्रतिदिन 2000 मीट्रिक टन कचरे के निस्तारण की है। यह जब काम करना शुरू कर देगा, तब दक्षिणी दिल्ली क्षेत्र के सारे सूखे कचरे की खपत यहीं पर हो जाएगी। इससे भलस्वा लैंडफिल साइट पर जमा पुराने कचरे को तेजी से समाप्त करने में आसानी होगी। इससे पहले दिल्ली में कचरे से बिजली उत्पादन करने वाले तीन संयंत्र पहले से कार्य कर रहे हैं, एक गाजीपुर, दूसरा भलस्वा, तीसरा ओखला लैंडफिल साइट पर स्थापित है। 

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सूखे कचरे का हो जाएगा समाधान
दिल्ली में रोज 10000 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। इसमें से ओखला लैंडफिल साइट पर दक्षिण, पश्चिम, मध्य और नजफगढ़ जोन से रोजाना करीब 4000 मीट्रिक टन कचरा जाता है। इसमें बड़ी मात्रा में बाजारों और औद्योगिक इकाइयों से निकला कूड़ा शामिल होता है। अभी ओखला फेज दो स्थित वेस्ट एनर्जी प्लांट पर करीब आधे कचरे का ही निस्तारण हो पाता है, बाकी कचरा लैंडफिल साइट पर ही जमा हो रहा है। 
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वेस्ट टू एनर्जी प्लांट ही उपाय 
एमसीडी के विशेष अधिकारी अश्विनी कुमार ने कहा कि शहर में सूखे कचरे के निस्तारण के लिए वेस्ट टू एनर्जी प्लांट ही उपाय है। इससे लैंडफिल साइटों पर जमा कचरे को कम किया जा सकता है। जमा कचरे का उपयोग करके बिजली बनाई जा सकती है और विभिन्न उद्देश्यों के लिए उपयोग की जा सकती है। 
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गाजीपुर में एक और प्लांट बनाने की योजना
वर्तमान में गाजीपुर लैंडफिल साइट पर प्रतिदिन 1300 मीट्रिक टन कचरे की खपत वाला वेस्ट टू एनर्जी प्लांट चल रहा है। इसी प्रकार भलस्वा में 1500 मीट्रिक टन प्रतिदिन कचरा खपत वाला एक और वेस्ट टू एनर्जी प्लांट कार्य कर रहा है। जल्द ही तेहखंड में एक और बिजली संयंत्र काम करने लगेगा, ऐसी संभावना बनी है। इसके साथ ही गाजीपुर में एक और वेस्ट टू एनर्जी प्लांट बनाने की योजना है।

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