डाक विभाग भी नहीं ढूंढ पाया केजरीवाल का पता!
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डाक विभाग के डाकियों के बस की बात भी नहीं है कि इंदिरापुरम में आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल के कथित प्लॉट का पता खोज लें।
इस पते पर भेजे जाने वाले पत्र को डाक विभाग भी अधूरा पता बताकर वापस कर देता है।
वाराणसी से लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शपथ पत्र में अपनी संपत्ति का ब्यौरा देते हुए जिस प्लॉट का पता दिया है, उसे इंदिरापुरम में खोजना मुमकिन ही नहीं है।
केजरीवाल ने दिया अधूरा पता!
ये पता सिर्फ लोकसभा चुनाव ही नहीं बल्कि दिल्ली विधानसभा चुनाव नामांकन के शपथपत्र में भी दिया गया है। इसके लेकर मौलिक भारत ट्रस्ट की ओर से आपत्ति उठाई गई है।
विधानसभा और लोकसभा के शपथ पत्र में केजरीवाल ने संपत्ति का ब्यौरा देते हुए इंदिरापुरम में 24 सौ वर्ग फुट का एक प्लॉट दर्शाया है। प्लॉट का पता ‘11/44 इंदिरापुरम, गाजियाबाद’ लिखा गया है। ये पता इंदिरापुरम में कहीं नहीं है।
मौलिक भारत ट्रस्ट की ओर से इस पते पर भारतीय डाक विभाग के माध्यम से एक स्पीड पोस्ट भेजी गई, लेकिन विभाग ने पता अधूरा बताकर डाक वापस कर दी।
केजरी ने बोले दो झूठ
मौलिक भारत ट्रस्ट के ऑफिस बीयर्र और एडवोकेट नीरज सक्सेना का कहना है कि जब मतदाताओं से अपने प्रत्याशियों का शपथपत्र देखकर ही वोट करने की अपील की जाती है, जिससे सही प्रत्याशी चुनाव का किया जा सके। ऐसे में शपथ पत्र में गलत या अधूरी जानकारी नहीं होनी चाहिए, ये अपराध है।
गौरतलब है कि, मौलिक भारत ट्रस्ट की ओर से केजरीवाल पर क्रिमिनल कंप्लेन दर्ज कराई जा चुकी है। उधर, आप के जिला संयोजक ठाकुर देवेंद्र सिंह का कहना है कि आरोप बेबुनियाद हैं।
आरोप लगाना आसान है, सिद्ध कर सकें तो करें। ट्रस्ट के प्रतिनिधियों का कहना है कि शपथपत्र में 24 सौ वर्ग फुट के प्लॉट की वर्तमान कीमत 55 लाख रुपये बताई गई है, जबकि इंदिरापुरम में इतने बड़े प्लॉट की कीमत करोड़ों रुपये में होनी चाहिए।