गर्लफ्रेंड का MMS बनाने वाले को मिला सबक
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‘किसी भी महिला की अश्लील फोटो या वीडियो सार्वजनिक होता है तो उसका जीवन नरक बन जाता है। अश्लील वीडियो बनाने वाले आरोपियों को कड़ी सजा देना जरूरी है, क्योंकि वर्तमान में ऐसे वीडियो की मार्केट में दिन प्रति दिन बढ़ोतरी होती जा रही है।’
अदालत ने यह टिप्पणी करते हुए महिला दोस्त की अश्लील वीडियो बनाने वाले रोहित को तीन वर्ष की सजा प्रदान करते हुए की। हालांकि, अदालत ने उसे रेप के आरोप से बरी कर दिया है।
द्वारका अदालत स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विरेंद्र भट्ट ने 19 नवंबर को फैसले में युवती के रेप संबंधी तर्क को खारिज कर दिया।
अदालत ने कहा कि सभी तथ्यों व साक्ष्यों से स्पष्ट है कि दोनों में शारीरिक संबंध रजामंदी से बने थे, जहां तक अश्लील वीडियो का संबंध है इस आरोप में उसे कड़ी सजा देना जरूरी है।
अंतरंग संबंधों की नहीं खींच सकते फोटो
किसी भी व्यक्ति को किसी के अंतरंग संबंध, यौन क्रिया की फोटो या वीडियो बनाने का अधिकार नहीं है। हर व्यक्ति को गोपनीयता बनाए रखने का अधिकार है।
हर व्यक्ति की निजता के लिए ही आईटी एक्ट बनाया गया है, ताकि लोगों की गोपनीयता बनाए रखी जा सके और इलेक्ट्रॉनिक डाटा के दुरुपयोग को रोका जा सके। इसके बाद अदालत ने आरोपी को तीन वर्ष की कैद सहित 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुना दी। वसूली गई राशि पीड़िता को दी जाए।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, करोल बाग निवासी रोहित ने उत्तम नगर के विश्वास पार्क में फ्लैट खरीदा था और वहीं रह रहा था। किसी जानकार के जरिए उसकी सेल्स गर्ल युवती से दोस्ती हुई थी। युवती ने 12 अगस्त, 13 को रिपोर्ट दर्ज करवाई कि रोहित ने उससे रेप करने के बाद वीडियो बना ली है।