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गरीब सवर्णों को आरक्षण एक साजिश, एससी/एसटी के रिजर्वेशन को खत्म करना चाहती है बीजेपीः आप
Thu, 10 Jan 2019 05:26 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Thu, 10 Jan 2019 05:26 AM IST
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Saurabh Bhardwaj
- फोटो : फाइल फोटो
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आम आदमी पार्टी (आप) ने गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने के मामले में भाजपा पर हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि 51 फीसदी के हकदार सवर्णों को भाजपा ने 10 फीसदी में बांध दिया है। साथ ही आरोप लगाया है कि पार्टी संविधान में बदलाव कर साजिशन दलितों को मिलने वाले आरक्षण को खत्म करना चाहती है। आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि केंद्र सरकार का सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला छलावा है।
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भाजपा सवर्णों को 10 फीसदी में उलझाना चाहती है। दूसरी तरफ पूर्वी दिल्ली से आप लोकसभा प्रभारी आतिशी ने आरोप लगाया कि 10 फीसदी का यह प्रस्ताव एक प्रयोग मात्र है। अगर भाजपा इसमें सफल होती है, तो इस माध्यम से संविधान में संशोधन करके अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों को मिलने वाला आरक्षण समाप्त हो सकती है।
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राघव चड्ढा ने मनोज तिवारी पर लगाया आरोप
दक्षिणी दिल्ली लोकसभा से आप प्रभारी राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि दिल्ली की मतदाता सूची से 30 लाख मतदाताओं का नाम हटाए जाने के लिए भाजपा जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने आप पर झूठा आरोप लगवाया है। राघव ने सवाल किया कि क्या आप का यह जुर्म है कि हम लोगों का नाम मतदाता सूची में जुड़वा रहे हैं?
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युवा हल्ला बोल का संसद भवन के सामने प्रदर्शन
संसद के बाहर विजय चौक पर युवा हल्ला बोल के बैनर तले युवाओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान जॉब चाहिए, जुमला नहीं के नारे लगाए। हंगामा बढ़ने पर यूथ फॉर स्वराज के मनीष कुमार, रजत यादव, उत्कर्ष गुप्ता और कपिल अग्रवाल को पुलिस संसद मार्ग थाने में ले गई। जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। युवाओं की मांग थी कि खाली पड़े 24 लाख सरकारी नौकरियों को जल्द से जल्द भरा जाए। साथ ही बेरोजगार परीक्षार्थियों से आवेदन शुल्क लेना बंद हो।