{"_id":"5d2cfc318ebc3e6cba54aef4","slug":"pollution-will-come-down-by-16-per-cent-due-to-implementation-of-rfid","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरएफआईडी लागू होने से प्रदूषण में आएगी 16 फीसदी तक कमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरएफआईडी लागू होने से प्रदूषण में आएगी 16 फीसदी तक कमी
Tue, 16 Jul 2019 03:50 AM IST
दुष्यंत शर्मा
सर्वेश कुमार, नई दिल्ली
सर्वेश कुमार, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 16 Jul 2019 03:50 AM IST
विज्ञापन
आरएफआईडी टैग लागू
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आरएफआईडी लागू होने से राजधानी में वाहनों के कारण होने वाले प्रदूषण में 16 फीसदी तक की कमी आएगी। 40 फीसदी प्रदूषण वाहनों के कारण होता है, इनमें 40 प्रतिशत तादाद ट्रक और बड़े वाहनों की है।
विज्ञापन
ईपीसीए के मुताबिक, दिल्ली के सभी 124 प्रवेश रास्तों पर आरएफआईडी टैग की सुविधा चरणवार शुरू की जाएगी, ताकि प्रदूषण में कमी के साथ-साथ राजधानी में वाहनों के जाम की समस्या से भी लोगों को ना जूझना पड़े।
विज्ञापन
ईपीसीए की सदस्या सुनीता नारायण ने बताया कि आरएफआईडी की शुरुआत से जाम नहीं लगेगा, जिससे ईंधन की बर्बादी कम होने के साथ प्रदूषण में भी कमी आएगी। फिलहाल राजधानी के 13 टोल प्लाजा पर शुरुआत की गई है, जिसका प्रभाव अगले कुछ दिनों में दिखने लगेगा।
विज्ञापन
दिल्ली में प्रवेश के 124 रास्तों पर आरएफआईडी का प्रावधान नहीं होने की वजह से प्रदूषण नियंत्रण के बारे में उन्होंने कहा कि इन 13 टोल प्लाजा से लगभग 80 फीसदी वाहनों का प्रवेश होता है। शेष रास्तों से 20 फीसदी वाहनों का प्रवेश होता है, जिन्हें चरणों में आरएफआईडी से लैस किया जाएगा। दिल्ली में प्रदूषण स्तर कम करने के लिए प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।
नारायण ने बताया कि टैग के जरिये 10 साल से अधिक पुराने हो चुके वाणिज्यिक वाहनों को दिल्ली में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। यदि कोई वाहन चालक कोशिश करता है तो सेंसर के जरिये पहचान के बाद कार्रवाई की जाएगी। सभी लेन से पार करने वाले वाहनों पर 250 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों की नजरें होंगी।
दूसरे राज्यों से प्रवेश करने वाले वाहनों को रोकने के दिल्ली देश का पहला ऐसा शहर बन गया है जहां पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ईसीसी) के तौर पर कंजेशन टैक्स लिया जा रहा है। इससे भारी वाणिज्यिक वाहनों दूसरे रास्तों को अपनाएंगे, जिससे दिल्ली पर वाहनों का बोझ कम होगा। इससे प्रदूषण में कमी आएगी।
सालाना 53 लाख वाणिज्यिक वाहन करते हैं दिल्ली में प्रवेश
दिल्ली में सालाना 53 लाख वाणिज्यिक वाहनों का प्रवेश होता है। डीजल टैक्सियों या छोटे वाणिज्यिक वाहनों से ईसीसी के तौर पर 100 रुपये, जबकि भारी बड़े वाहनों से इस मद में 3000 रुपये तक का शुल्क है।
इस मद में होने वाली आय का पर्यावरण सुधार और संरक्षण पर खर्च किया जाएगा। वाहनों की संख्या में यदि 16 फीसदी की कमी होती है तो करीब 8 लाख वाहनों से होने वाले प्रदूषण से दिल्लीवासियों को राहत मिलेगी।