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Delhi : चार साल में 8% बढ़ा वाहनों के उत्सर्जन से प्रदूषण, काबू पाने के लिए एलजी ने बुलाई बैठक
Sat, 21 Sep 2024 05:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 21 Sep 2024 05:11 AM IST
सार
आईआईटी-कानपुर ने साल 2018 और 2022 के बीच एक अध्ययन किया। इसमें यह आंकड़ा सामने आया।
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वायु प्रदूषण
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
दिल्ली में वाहनों के उत्सर्जन से होने वाला प्रदूषण आठ फीसदी तक बढ़ गया है,जबकि धूलकण से होने वाले प्रदूषण में करीब छह फीसदी की राहत मिली है। आईआईटी-कानपुर ने साल 2018 और 2022 के बीच एक अध्ययन किया। इसमें यह आंकड़ा सामने आया।
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दरअसल, शुक्रवार को दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने वायु प्रदूषण और सर्दियों में इससे निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। साथ ही अधिकारियों को दीर्घकालिक और अल्पकालिक स्तर पर समाधान करने का आदेश दिया। एलजी को बताया गया कि इस वर्ष भारी मानसून के कारण प्रदूषण से राहत मिली है।
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आईआईटी-कानपुर के अध्ययन के बारे में बताया कि साल 2018 और 2022 के बीच वायु प्रदूषण में योगदान देने वाले पीएम10 और पीएम 2.5 का प्रतिशत 26 से घटकर 20 प्रतिशत हो गया है। वहीं, वाहनों के उत्सर्जन से होने वाला प्रदूषण 2018 और 2022 के बीच 39 प्रतिशत से बढ़कर 47 प्रतिशत हो गया है।
इस पर एलजी ने कहा कि सड़क की स्थिति, फुटपाथ और सड़क किनारे पर कवरेज की कमी को देखते हुए प्रदूषण कई गुना बढ़ा। एलजी ने साक्ष्य आधारित अनुभवजन्य अध्ययन करने को कहा और निर्देश दिया कि सड़कों की मरम्मत के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। एलजी ने डीएसआईआईडीसी को औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कों की मरम्मत, फुटपाथों के कवरेज और कचरे के निपटान के लिए व्यापक योजना बनाने की सलाह दी। सभी संबंधित विभागों, एजेंसियों को उपराज्यपाल सचिवालय को उपरोक्त पर साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
सड़क पर खाली चलती है डीटीसी बस
एलजी ने यात्रियों के बिना चल रही अधिकतर खाली डीटीसी बसों से होने वाले प्रदूषण पर ध्यान देने को कहा। एक आंकड़े के अनुसार डीटीसी बसें अपनी क्षमता से 48 प्रतिशत यात्रियों से ही भरी होती हैं। ये बसें सड़क पर अधिक जगह घेरती हैं और यातायात को प्रभावित करती हैं, जिससे वाहनों से होने वाला उत्सर्जन बढ़ता है। एलजी ने परिवहन विभाग से बस रूट और उनके चलने के समय को तर्कसंगत बनाने को कहा।
किए जाएं यह काम
- सात मंजिल से ऊपर की सभी ऊंची इमारतों पर लगाए 180 डिग्री घूमने वाली एंटी-स्मॉग गन
- स्मॉग गन को फुटओवर ब्रिज पर लगाने की तलाशी जाए संभावना
- ढकी रहे निर्माण सामग्री, प्रदूषण का कारण न बनने वाले निर्माण गतिविधियां को मिले प्रतिबंधों से छूट
- बिल्डिंग क्म्लीशन सर्टिफिकेट तभी जारी किया जाए जब बचा हुआ कचरा पूरी तरह से हटा जाए
- डीपीसीसी व अन्य प्रवर्तन एजेंसियों खुले में आग जलने से रोके
- अलग-अलग समय पर कार्यालय खुलने और घर से काम करने की योजना बनाए
- मैकेनिकल रोड स्वीपर के साथ अनिवार्य रूप से हो पानी का छिड़काव