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प्रदूषण: हरियाणा के 9 शहर बने गैस चैंबर, एक्यूआई 500 पार
Thu, 14 Nov 2019 06:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक/हिसार/नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक/हिसार/नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 14 Nov 2019 06:01 AM IST
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धुंध में लिपटा हिसार
- फोटो : अमर उजाला
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हवा की चाल थमने और बादल छाए रहने के कारण हरियाणा सहित दिल्ली-एनसीआर में लोगों की सांसों पर फिर आफत आ गई है। स्मॉग की चादर घनी हो जाने से बुधवार को दिन भर हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर पर बनी रही।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने वीरवार को हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर को भी पार कर जाने का अंदेशा जताया है। उधर, फरीदाबाद, सोनीपत, गुरुग्राम, पानीपत और झज्जर जिलों में 14-15 नवंबर को कक्षा 12 तक के सरकारी और निजी स्कूल बंद रहेंगे।
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हरियाणा के 12 शहरों का एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 400 या इससे अधिक पहुंच गया है। वहीं, बुधवार दोपहर तक नौ शहर गैस चैंबर बने रहे। हिसार, भिवानी, फरीदाबाद, फतेहाबाद, ग्रुरुग्राम, जींद, मानेसर, पलवल और पानीपत का एक्यूआई 500 या इसके अधिक दर्ज किया गया। प्रदेश में हिसार सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा।
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मंगलवार रात 12 बजे से बुधवार दोपहर तीन बजे तक वायु गुणवत्ता सूचकांक 500 से नीचे नहीं आया। एनसीआर में सबसे प्रदूषित शहर नोएडा रहा। वहीं, दिल्ली समेत एनसीआर के दूसरे शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक 450 के आसपास रहा।
धुंध और धुएं की छाई चादर
दिवाली से धुंध और धुएं की जुगलबंदी ने प्रदेशवासियों का सांस लेना मुश्किल कर रखा है। हालांकि पिछले दिनों कुछ राहत मिली थी, लेकिन वातावरण में धूल और धुएं की चादर फिर छा गई। इससे लोगों का दम घुटने लगा है, वहीं आंखों में भी जलन हो रही है। मौसम में नमी के कारण स्थिति अधिक खराब हुई है। इस कारण दृश्यता भी बेहद कम हो गई है।
दो दिन और होंगे मुश्किल
पूर्वी हवाएं चलने से वातावरण में नमी बढ़ गई थी। इससे पराली के धुएं के साथ गाड़ियों, कारखानों और अन्य तरह का प्रदूषण नमी के साथ मिल गया और स्मॉग बन गया। अगले दो दिन इसका समाधान आसान नहीं लग रहा है। मौसम विभाग के अनुसार दो दिन बादल छाए रहेंगे।
16 नवंबर को मिल सकती राहत
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हवाएं चलेंगी। इस तरह 16 नवंबर को प्रदूषण से राहत मिल सकती है।
यह बोले विशेषज्ञ
अगले दो दिन पश्चिमी विक्षोभ के कारण पूरे प्रदेश में बादल छाए रहने की संभावना है। इस दौरान हल्की गति से हवाएं चलने के साथ पश्चिमी हरियाणा खासकर सिरसा में हल्की बारिश होने की संभावना है। दो दिन में पश्चिमी विक्षोभ के चले जाने के बाद हवाएं चलेंगी और बादल के छंट जाएंगे। इसके बाद ही प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद है।
- डॉ. मदन खिचड़, अध्यक्ष, कृषि मौसम विज्ञान विभाग, हकृवि हिसार
पराली जलाने के मामले में आई कमी
बीते 24 घंटे में पराली जलाने के मामले में कमी आई है। इस बीच सिर्फ 480 जगहों पर पराली जलाई गई। इससे पराली के धुएं का दिल्ली के प्रदूषण में हिस्सा घट गया है। बुधवार को यह 22 फीसदी रहा। वहीं, वीरवार को इसके 13 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, पंजाब व हरियाणा की तरफ चलने वाली हवाएं पराली के धुएं के साथ दिल्ली पहुंच रही हैं।
अफगानिस्तान की हवाएं उत्तर भारत के मौसम पर डाल रहीं असर
मौसम विभाग का कहना है कि नए पश्चिमी विक्षोभ से बुधवार को अफगानिस्तान के ऊपर चक्रवाती हवाएं चल रही हैं। इसका असर अगले दो दिन तक उत्तर भारत की मौसमी दशाओं पर पड़ रहा है। पूर्वानुमान है कि 15 नवंबर से हवा की चाल 20 किमी प्रति घंटा से ऊपर हो सकती है। इससे प्रदूषण छंटने की उम्मीद है। शनिवार को यह दोबारा बहुत खराब स्तर में पहुंचेगा।
उधर, सूर्य निकलने के बाद बृहस्पतिवार को मिक्सिंग हाइट ऊपर जाएगी। इससे दिन में प्रदूषण का स्तर कम हो सकता है। लेकिन शाम ढलने के बाद दोबारा प्रदूषण में बढ़ोत्तरी होगी। प्रदूषण में उतार-चढ़ाव होने के बावजूद वीरवार को भी इसका स्तर गंभीर पर ही बना रहेगा।
प्रदूषण पर प्रभावी कारक:
. बारिश का न होना।
. सतह पर चलने वाली हवा की धीमी चाल
. उत्तर पश्चिम से दिल्ली पहुंचने वाली हवा।
. हवा में मौजूद नमी।
. पराली का धुआं।
प्रमुख शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक
(बुधवार रात आठ बजे तक)
शहर एक्यूआई
हिसार 476
भिवानी 471
नोएडा 470
गाजियाबाद 467
मानेसर 463
दिल्ली 456
गुरुग्राम 447
फरीदाबाद 446
जींद 445
धारुहेड़ा 431
फतेहाबाद 430
सिरसा 415
रोहतक 412
पानीपत 408
पलवल 401
बहादुरगढ़ 397
नारनौल 380
बल्लभगढ़ 327
कुरुक्षेत्र 321
करनाल 316
कैथल 313
अंबाला 298
यमुनानगर 280
सोनीपत 247
पंचकूला 130
अफगानिस्तान की हवाएं उत्तर भारत के मौसम पर डाल रहीं असर
मौसम विभाग का कहना है कि नए पश्चिमी विक्षोभ से बुधवार को अफगानिस्तान के ऊपर चक्रवाती हवाएं चल रही हैं। इसका असर अगले दो दिन तक उत्तर भारत की मौसमी दशाओं पर पड़ रहा है। पूर्वानुमान है कि 15 नवंबर से हवा की चाल 20 किमी प्रति घंटा से ऊपर हो सकती है। इससे प्रदूषण छंटने की उम्मीद है। शनिवार को यह दोबारा बहुत खराब स्तर में पहुंचेगा।
उधर, सूर्य निकलने के बाद बृहस्पतिवार को मिक्सिंग हाइट ऊपर जाएगी। इससे दिन में प्रदूषण का स्तर कम हो सकता है। लेकिन शाम ढलने के बाद दोबारा प्रदूषण में बढ़ोत्तरी होगी। प्रदूषण में उतार-चढ़ाव होने के बावजूद वीरवार को भी इसका स्तर गंभीर पर ही बना रहेगा।
प्रदूषण पर प्रभावी कारक:
. बारिश का न होना।
. सतह पर चलने वाली हवा की धीमी चाल
. उत्तर पश्चिम से दिल्ली पहुंचने वाली हवा।
. हवा में मौजूद नमी।
. पराली का धुआं।
प्रमुख शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक
(बुधवार रात आठ बजे तक)
शहर एक्यूआई
हिसार 476
भिवानी 471
नोएडा 470
गाजियाबाद 467
मानेसर 463
दिल्ली 456
गुरुग्राम 447
फरीदाबाद 446
जींद 445
धारुहेड़ा 431
फतेहाबाद 430
सिरसा 415
रोहतक 412
पानीपत 408
पलवल 401
बहादुरगढ़ 397
नारनौल 380
बल्लभगढ़ 327
कुरुक्षेत्र 321
करनाल 316
कैथल 313
अंबाला 298
यमुनानगर 280
सोनीपत 247
पंचकूला 130