फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Politics heats up due to ban on treatment of outsiders in Delhi hospitals

अस्पतालों में बाहरी लोगों के इलाज पर रोक से गरमाई सियासत, डीएमए ने भी किया विरोध

Mon, 08 Jun 2020 04:50 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली  
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली   Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 08 Jun 2020 04:50 AM IST
सार

  • केजरीवाल सरकार के फैसले पर नकारात्मक प्रतिक्रियाएं
  • दिल्ली के अस्पतालों में सिर्फ स्थानीय के इलाज के मसले पर भाजपा का प्रदर्शन
  • प्रदेश अध्यक्ष समेत कई हिरासत में, बाद में छोड़ा

विज्ञापन
Politics heats up due to ban on treatment of outsiders in Delhi hospitals
दिल्ली बीजेपी ने किया विरोध... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली सरकार के अस्पतालों में बाहरियों के इलाज पर रोक के केजरीवाल सरकार के फैसले से सियासत एक बार फिर गरमा गई है। विपक्षी दल भाजपा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए काली पट्टी बांध व काला मास्क लगाकर राजघाट पर धरना दिया। 

विज्ञापन


प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता के नेतृत्व में भाजपा विधायकों और कार्यकर्ताओं ने सरकार के फैसले की जमकर मुखालफत की। धरना के कुछ समय बाद ही पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर थाने ले आई। हालांकि बाद में सभी को छोड़ दिया गया। 
विज्ञापन


आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के लोगों को ही समय पर इलाज नहीं मिल रहा है तो दूसरे राज्यों के मरीजों को क्या इलाज मुहैया करा पाएंगे मुख्यमंत्री केजरीवाल। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार को वास्तविक मुद्दों से भटकाने में महारत हासिल है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यह उम्मीद नहीं थी कि सांविधानिक पद पर बैठे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस आपदा के समय में भी लोगों की सुरक्षा की जगह राजनीति को सर्वोपरि रखेंगे। नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि सांविधानिक पद पर बैठा व्यक्ति इतना अमानवीय और संवेदनहीन कैसे हो सकता है। 

धरना में सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखते हुए भाजपा विधायक मोहन सिंह बिष्ट, ओपी शर्मा, अनिल बाजपेई, जितेंद्र महाजन, अभय वर्मा, अजय महावर समेत कई शामिल थे। उधर, सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था लचर हो गई है। ऐसे में कोई कोरोना पीड़ित यहां इलाज कराने क्यों आएगा। 

डीएमए ने भी किया विरोध
दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. बीबी वाधवा का कहना है कि गणितीय योग दिखाकर मरीजों से उनके अधिकार को छीना नहीं जा सकता। यह पूरी तरह से चिकित्सीय नीति के खिलाफ है। डॉ. वाधवा  का कहना है कि दिल्ली में इस वक्त जहां कोरोना लड़ाई चुनौतियों से घिरी है। वहीं सरकार विशेषज्ञों के साथ परामर्श न करते हुए अस्पतालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराने पर जोर दे रही है। 


सरकार और निजी क्षेत्र के बीच आपसी सहयोग के साथ ही लड़ाई को जीता जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब मार्च में आईएलबीएस के निदेशक डॉ. एसके सरीन की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि उन्होंने 40 हजार बिस्तर की व्यवस्था कर ली है तो अब वे बिस्तर कहां हैं? 

डीएमए के अनुसार वर्तमान स्थिति को देखते हुए दिल्ली के सभी स्टेडियम को कोरोना अस्पताल में तब्दील कर देना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed