विधायक मनोज व लखपत के आरोप-प्रत्यारोप में उलझी पुलिस
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प्लॉट के नाम पर धोखाधड़ी कर छह लाख रुपये हड़पने के मामले में आप पार्टी के विधायक मनोज कुमार और उनका पार्टनर लखपत सिंह एक दूसरे पर ही आरोप लगा रहे हैं।
मनोज अपने को पाक साफ बताकर लखपत पर नकली कागजात बनवाने और रुपये ऐंठने का आरोप लगाया है। वहीं लखपत अपने को बेगुनाह बताकर मनोज पर उसी तरह के आरोप लगा रहा है।
रविवार को एक दिन की पुलिस रिमांड के बाद न्यू अशोक नगर थाना पुलिस ने लखपत सिंह को कड़कड़डूमा कोर्ट में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया।
किसने बनवाए फर्जी कागजात?
मामले की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारी ने बताया कि शनिवार शाम को लखपत और मनोज कुमार को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की गई।
लखपत ने बताया कि वह उसके साथ काम जरूर करता था, लेकिन उसके साथ धोखाधड़ी में शामिल नहीं है। वहीं मनोज लखपत पर ही सारे आरोप मढ़ रहा है। उसका कहना है कि नकली पेपर के आधार पर लखपत ने ही शिकायतकर्ता विजय से रुपये लिये थे।
पुलिस के सामने लखपत ने एक शख्स के नाम का खुलासा किया है जिसकी मदद से लखपत फर्जी कागजात तैयार करवाता था।
पुलिस अधिकारियों ने उस नाम का खुलासा करने से इनकार कर दिया।
लखपत ने किसी और धोखाधड़ी की बात से इनकार किया है। बतों दे कि शिकायतकर्ता ने जब मनोज को बयाने के छह लाख रुपये दिए थे उसमें एक गवाह लखपत भी था।