जुनैद पर हमला होते वक्त सीट के कोने में छिप गया था युवक, केस के लिए पुलिस ने मांगी उसी से मदद
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जुनैद हत्याकांड में आरोपियों तक पहुंचने के लिए जीआरपी हाथपांव मारने में लगी हुई है। पुलिस हर पहलू से मामले की गहनता से जांच करने में लगी है। सूत्रों के मुताबिक, जीआरपी अब कोसी से एक मुस्लिम युवक को सहयोग के लिए लेकर आई है।
सूत्रों का कहना है कि यह मुस्लिम युवक 22 जून को उसी ट्रेन के उस डिब्बे में ही था, जहां जुनैद व अन्य तीन पर चाकुओं से हमला किया गया था। यह युवक उस विवाद के दौरान डिब्बे में हिंदू-मुस्लिम झगड़े के शोर मचने के बाद एक कोने में सीट पर नजर नीचे करके बैठ गया था और पलवल में ट्रेन जैसे ही रुकी ट्रेन से उतरकर डरते हुए एक साइड से निकल गया था।
अब जीआरपी को जैसे ही इस मुस्लिम युवक के बारे में जानकारी मिली तो पुलिस की एक टीम कोसी उसके घर जा पहुंची और उक्त युवक मनिया से जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन डर के कारण वह कुछ नहीं बता पा रहा है।
सूत्र बताते हैं कि जीआरपी मनिया के परिजनों व आसपास के लोगों से प्रार्थना कर इस मामले में सहयोग करने की अपील कर मनिया को अपने साथ बल्लभगढ़ लेकर आई है ताकि हिरासत में लिए गए कुछ लोगों की शिनाख्त कराई जा सके। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने इस मामले में सात-आठ लोगों को हिरासत में लिया है जिनसे पूछताछ की जा रही है।
हत्याकांड को सुलझाने में मददगार हो सकती है सीसीटीवी फुटेज
जुनैद हत्याकांड को सुलझाने में सीसीटीवी फुटेज पुलिस के लिए मददगार साबित हो सकती है। असावटी गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे हैं। बाइक पर सवार तीन संदिग्ध कैमरों में कैद हुए हैं। मंगलवार को पुलिस ने फुटेज खंगालने के बाद गांव के सीसीटीवी कंट्रोल रूम को सील कर दिया। इसके अलावा एक बैंक के बाहर लगे कैमरे की फुटेज भी राजकीय रेलवे पुलिस ने सुरक्षित कर ली है।
वारदात के बाद से ही जीआरपी और स्थानीय पुलिस सीसीटीवी कैमरों पर फोकस किए हुए हैं। इस वारदात के आरोपियों की पहचान के लिए ओखला से लेकर पलवल तक रेलवे लाइन के किनारे बड़ी इमारतों की खाक छान रही पुलिस को आखिरकार कामयाबी मिल ही गई है।
दरअसल, असावटी गांव की पंचायत ने सुरक्षा के लिहाज से गांव में जगह-जगह 32 सीसीटीवी कैमरे लगवाए हुए हैं। दो कैमरे गांव की मुख्य सड़क के प्रवेश द्वार पर भी लगे हैं, जिनमें बाइक सवार तीन संदिग्ध नजर आ रहे हैं। इसके अलावा गांव के बाहर स्थित सरकारी बैंक की एक शाखा के बाहर भी सीसीटीवी कैमरे में तीनों संदिग्ध कैद हो गए हैं।