निर्भया कांड के 5 साल बाद भी 60 कैमरे ही लगा सकी गुरुग्राम पुुुुुुुुुलिस
स्मार्ट सिटी के तहत जीएमडीए ने तैयार की 2200 कैमरों की योजना
शहर में लग गए 200 सीसीटीवी कैमरे
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गुरुग्राम में दिसंबर 2012 में दिल्ली के निर्भया कांड के बाद नगर निगम ने महिला सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बनाई थी।
योजना को गुरुग्राम पुलिस ने अपने अधीन करते हुए पांच साल में 60 ही सीसीटीवी कैमरे लगाए। कैमरे लगने के बाद भी अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। लूट, हत्या सहित महिला अपराधों में कमी न आने पर गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत नई योजना तैयार की है।
इस योजना के तहत शहर के चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे की मदद से नजर रखी जाएगी। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व गठित हुए जीएमडीए ने योजना तैयार कर इसे सिरे चढ़ाने का प्लान तैयार कर लिया है।
इसके तहत शहर में 200 सीसीटीवी कैमरे लग गए हैं। अगले 6 माह में मानेसर तक सीसीटीवी कैमरे लग जाएंगे। पूरे शहर के लिए एक ही कंट्रोल रूम बनाया गया है।
कार्रवाई की जिम्मेदारी पर पुलिस के अधीन हुई योजना
नगर निगम सूत्रों के मुताबिक, निर्भया कांड के बाद शहर में महिला सुरक्षा बड़ा सवाल बन गया। महिला सुरक्षा के प्रति पुलिस सहित जिला प्रशासन हरकत में आया और शहर में सीसीटीवी लगाकर अपराध पर अंकुश लगाने की योजना तैयार की गई।
नगर निगम ने शहर को सीसीटीवी कैमरे से लैस करने की योजना बनाई। पुलिस व जिला प्रशासन के साथ हुई बैठक में पुलिस ने मुख्य 15 स्थानों पर 60 सीसीटीवी कैमरे लगाने की बात कही। सीसीटीवी कैमरे में कैद होने वाली वारदात पर कार्रवाई को लेकर मामला अटक गया।
चूंकि कार्रवाई पुलिस द्वारा की जानी थी तो निगम अधिकारियों ने गेंद पुलिस के पाले में फेंकते हुए सीसीटीवी कैमरे लगाकर कंट्रोल रूम पुलिस मुख्यालय में बनाने का प्रस्ताव रखा।
कैमरे लगाने पर आने वाले खर्च का भुगतान नगर निगम ने किया। पुलिस ने निगम के बजट पर 60 कैमरे लगाकर खानापूर्ति कर ली। इसी से ही शहर में अपराधियों पर नजर रखी जाने लगी।
नहीं कम हुआ अपराध
शहर में सीसीटीवी कैमरे लगने के बाद भी अपराध में कमी नहीं आई। शहर में महिला अपराध का आंकड़ा पहले की तरह ही रहा। पुलिस आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2019 में महिलाओं से दुष्कर्म के अब तक करीब 92 मामले सामने आए हैं जबकि छेड़छाड़ के 259 मामले हैं। दुष्कर्म का आंकड़ा वर्ष 2018 में 122 था जबकि छेड़छाड़ के 317 मामले सामने आए थे।
चप्पे-चप्पे पर जीएमडीए रखेगा नजर
जीएमडीए ने शहर को अपराध मुक्त करने व चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए 2200 सीसीटीवी कैमरे की योजना बनाई। दो चरणों में यह कैमरे लगाकर ऑप्टीकल फाइबर केबल से जोड़ा जाना है।
पहले चरण में 1200 कैमरे शहर के प्रमुख स्थानों पर लगाए जा रहे हैं। इसमें 200 कैमरों को लगाकर केबल से जोड़ दिया गया है। इन पर जीएमडीए के कंट्रोल रूम के जरिये नजर रखी जा रही है। दूसरे चरण में मानेसर को सीसीटीवी कैमरों से जोड़ा जाएगा।
इस बारे जीएमडीए केेे स्मार्ट सिटी प्लान के सलाहकार पीके अग्रवाल ने बताया शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इनका जीएमडीए के इंटीग्रेटिड कमांड कंट्रोल सेंटर में कंट्रोल रूम बनाया गया है। कंट्रोल रूम से पुलिस सहित अन्य विभागों के अधिकारी शहर पर नजर रखेंगे।