{"_id":"5bd9e7babdec2269b84638a4","slug":"police-cought-fake-call-center-in-noida","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"फर्जी कॉल सेंटर खोलकर की जा रही थी ठगी, ऐसे मुंह छुपाती रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी कॉल सेंटर खोलकर की जा रही थी ठगी, ऐसे मुंह छुपाती रहे लोग
ब्यूरो, अमर उजाला, नोएडा
Updated Wed, 31 Oct 2018 11:04 PM IST
विज्ञापन
आरोपी
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस व साइबर क्राइम सेल ने सेक्टर-6 में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है। यहां बैंक और इंश्योरेंस कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी की जा रही थी। कॉल सेंटर एसपी सिटी व साइबर सेल कार्यालय से महज कुछ दूरी पर चल रहा था। पुलिस ने मौके से 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि कॉल सेंटर संचालक समेत पांच आरोपी फरार हो गए।
विज्ञापन
एसपी क्राइम अशोक सिंह के अनुसार, फर्जी कॉल सेंटर के खिलाफ जनपद में अभियान चलाया जा रहा है। कोतवाली सेक्टर-20 के एसएचओ मनोज पंत और साइबर क्राइम सेल के इंस्पेक्टर मोहम्मद जहीर खान के नेतृत्व में मंगलवार शाम छापेमारी की गई। मौके से 18 कर्मचारी को पकड़ लिया गया। इनके पास से 30 मोबाइल, 5 कंप्यूटर, दो आधार कार्ड और एक पैन कार्ड बरामद हुआ है।
विज्ञापन
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार निवासी पिंकू कुमार, शहजाद, धीरज, फंटूस, बिट्टू, रोशन कुमार व विकास कुमार, प्रयागराज निवासी मुकेश कुमार, कानपुर निवासी मनीष कुमार, ओडिशा निवासी निगम जैन, अशोक नगर दिल्ली निवासी विकास कुमार, गोंडा निवासी आकाश, सेक्टर-76 नोएडा निवासी मोनू सिंह, निठारी निवासी बिट्टू पांडेय, बलिया निवासी अभिषेक सिंह और कानपुर निवासी अभिषेक सिंह के रूप में हुई है।
विज्ञापन
12 लड़कियां भी पकड़ी गईं, जमानत
मौके से 12 युवतियों को भी हिरासत में लिया गया था। ये लोगों को कॉल करती थीं और उनसे बात कर फंसाती थीं। पुलिस ने इन युवतियों को थाने से ही जमानत दे दी।
झुग्गी में रहता है कॉल सेंटर संचालक
साइबर क्राइम सेल के प्रभारी जहीर खान ने बताया कि फर्जी कॉल सेंटर का संचालक चंदन झा सेक्टर-8 स्थित झुग्गियों में रह रहा था। जबकि मैनेजर अंकुर और चिंटू हरौला में रह रहे थे। इनके काम में मदद करने वाले दीपक और सलाउद्दीन भी झुग्गियों में ही रह रहे थे। छापेमारी के दौरान मिले पते पर पहुंची पुलिस को सभी आरोपी फरार मिले। चंदन की झुग्गी पुलिस खोज नहीं पाई। चंदन 15 दिनों से कॉल सेंटर में नहीं आया। जबकि अंकुर और चिंटू को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
ऐसे करते थे ठगी
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी कॉलर हैं। सभी कॉल सेंटर में पहले नौकरी कर चुके हैं। इन्हें कॉल सेंटर की बारीकियां पता हैं। आरोपी वेबसाइट से बेरोजगार युवकों का नंबर लेते थे जो युवक वेबसाइट पर नौकरी के लिए अपना विवरण भेजते थे।
वह विवरण इनके पास आ जाता था। इसके बाद युवकों के नंबर पर कॉल करके बैंकों, इंश्योरेंस कंपनियों आदि में नौकरी का झांसा दिया जाता था। कंपनियों के फर्जी ऑफर लेटर तैयार करके ई-मेल भेजकर 6 बैंक खातों में 1500 से 15 हजार रुपये तक डलवा लेते थे। इनका हर महीने करीब 5 लाख रुपये ऑफिस का खर्च था और 15 से 20 लाख रुपये तक ठगी करके कमा रहे थे।
फर्जी कॉल सेंटरों को चलने नहीं दिया जाएगा। पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर इन्हें बंद करा रही हैं। एक सप्ताह में छह कॉल सेंटरों पर छापेमारी की गई है।
- डॉ. अजयपाल शर्मा, एसएसपी
झुग्गी में रहता है कॉल सेंटर संचालक
साइबर क्राइम सेल के प्रभारी जहीर खान ने बताया कि फर्जी कॉल सेंटर का संचालक चंदन झा सेक्टर-8 स्थित झुग्गियों में रह रहा था। जबकि मैनेजर अंकुर और चिंटू हरौला में रह रहे थे। इनके काम में मदद करने वाले दीपक और सलाउद्दीन भी झुग्गियों में ही रह रहे थे। छापेमारी के दौरान मिले पते पर पहुंची पुलिस को सभी आरोपी फरार मिले। चंदन की झुग्गी पुलिस खोज नहीं पाई। चंदन 15 दिनों से कॉल सेंटर में नहीं आया। जबकि अंकुर और चिंटू को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
ऐसे करते थे ठगी
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी कॉलर हैं। सभी कॉल सेंटर में पहले नौकरी कर चुके हैं। इन्हें कॉल सेंटर की बारीकियां पता हैं। आरोपी वेबसाइट से बेरोजगार युवकों का नंबर लेते थे जो युवक वेबसाइट पर नौकरी के लिए अपना विवरण भेजते थे।
वह विवरण इनके पास आ जाता था। इसके बाद युवकों के नंबर पर कॉल करके बैंकों, इंश्योरेंस कंपनियों आदि में नौकरी का झांसा दिया जाता था। कंपनियों के फर्जी ऑफर लेटर तैयार करके ई-मेल भेजकर 6 बैंक खातों में 1500 से 15 हजार रुपये तक डलवा लेते थे। इनका हर महीने करीब 5 लाख रुपये ऑफिस का खर्च था और 15 से 20 लाख रुपये तक ठगी करके कमा रहे थे।
फर्जी कॉल सेंटरों को चलने नहीं दिया जाएगा। पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर इन्हें बंद करा रही हैं। एक सप्ताह में छह कॉल सेंटरों पर छापेमारी की गई है।
- डॉ. अजयपाल शर्मा, एसएसपी