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पुलिस ने गाड़ी वापस दिलाने के लिए मांगे 50 हजार

Mon, 14 Sep 2015 10:08 AM IST
Updated Mon, 14 Sep 2015 10:08 AM IST
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Police bargaining, gave 50 thousand to take the car back

शहर में कार लूट की घटना का ऐसा मामला सामने आया है जहां पुलिस घटना की रिपोर्ट दर्ज करने की जगह पीड़ित और लुटेरे के बीच समझौता कराने व रकम वसूलने के लिए 17 दिनों तक पीड़ित को थाने-चौकी के चक्कर कटवाती रही।

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पुलिस के रवैये से नाराज पीड़ित ने मीडिया से संपर्क किया और पुलिस की करतूत को उजागर करने के लिए गुहार लगाई। दादरी निवासी योगेंद्र का रोड़ी-बदरपुर का काम है।

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3 अगस्त को वह एसेंट कार से सेक्टर-62 किसी से मिलने आया था। शाम को वापसी में वह फेस-3 थाना अंतर्गत छिजारसी के पास लघुशंका करने रुक गया। कार में बैठते ही सामने चार लोगों ने कार लगा दी।

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50 हजार रुपये देने पर ही कार लौटाई जाएगी

Police bargaining, gave 50 thousand to take the car back

तीन लोग उतरे और एक ने योगेंद्र की कनपटी पर पिस्टल सटा दी। योगेंद्र ने चाभी देने से इंकार किया तो शख्स ने गोली मारने की धमकी दी। इसके बाद कार लूटकर ले गए। योगेंद्र एक शख्स सचिन को पहचानता था। योगेंद्र का कहना है कि उसकी पहचान का एक शख्स 50 हजार रुपये लेकर भाग गया था।

इसी रकम को वसूलने के लिए सचिन गुंडों के साथ उसकी कार लूटने आया था। कार लूटकर फरार होते समय सचिन ने उससे कहा कि 50 हजार रुपये देने पर ही कार लौटाई जाएगी।

डर के कारण योगेंद्र ने पुलिस को सूचना नहीं दी। 27 अगस्त को पूरा घटनाक्रम लिखकर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए योगेंद्र ने फेस-3 थाने में तहरीर दी जहां से उसे छिजारसी चौकी भेज दिया गया।

पुलिस ने मदद नहीं सौदेबाजी की

Police bargaining, gave 50 thousand to take the car back

आरोप है कि चौकी इंचार्ज रिपोर्ट दर्ज करने की जगह उसे निठारी ले गए। सचिन निठारी के आसपास का ही रहने वाला है और कार भी वहीं खड़ी है। योगेंद्र को चौकी इंचार्ज ने निठारी पुलिस चौकी पर तैनात एक कांस्टेबल से मिलवाया जो सचिन के संपर्क में था।


पुलिस ने उसकी मदद नहीं की, बल्कि कार दिलाने के एवज में योगेंद्र से सौदेबाजी की। कांस्टेबल ने योगेंद्र से 50 हजार रुपये मांगे। योगेंद्र ने उसे रुपये देने से इंकार किया और रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की तो कांस्टेबल ने भगा दिया।

इस पर पीड़ित ने मीडिया से मदद की गुहार लगाई। घटना के बारे में उच्चधिकारियों को अवगत कराया गया तब जाकर अधिकारियों ने मामले की जांच करके रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही।

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