तीसरी कक्षा तक पढ़ा, बैंकों को 50 करोड़ का चूना लगाने वाला गिरफ्तार, ऐसे लगाया चूना
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इसकी पत्नी व तीन साथियों को सीबीआई पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपी ढाई वर्ष से पुलिस को चकमा दे रहा था। सीबीआई के आठ व दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के दो मामलों में वांछित था। चार में भगोड़ा घोषित था और छह मामलों में उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट था।
अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया कि इंस्पेक्टर सुशील कुमार की टीम को सूचना मिली थी कि सीबीआई व ईओडब्ल्यू के चार मामलों में भगोड़ा घोषित अमित वर्मा दिल्ली में छिपा हुआ है। इंस्पेक्टर सुशील कुमार की देखरेख में एएसआई उपेंद्र व सिपाही कपिल की विशेष टीम ने आरोपी अमित वर्मा को डी-4, तीसरी मंजिल दयानंद ब्लाक शकरपुर से गिरफ्तार कर लिया।
बैंक में पहले से गिरवी कागजात पर लेते थे लोन
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जीटीबी एंक्लेव, दिल्ली निवासी अमित वर्मा (38) अपने साथी नितिन अरोड़ा, संदीप खेरा, इशिमा अरोड़ा व विनोद अरोड़ा के साथ ऐसे मकान व प्लॉट के फर्जी कागजात तैयार करता था जो बैंक में गिरवी रखा होता था।
इन फर्जी कागजातों से सेक्टर-27, नोएडा में स्थित बैंक ऑप महाराष्ट्र व अन्य बैंकों से लोन ले लेते थे। आरोपी जब लोन की किश्त नहीं भरते थे तो बैंक के लोग साइट पर जाते थे। तब उन्हें पता चलता था कि कागजात फर्जी है। आरोपी इस तरह से करीब 50 करोड़ रुपये का बैंकों से लोन ले चुके हैं। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने गिरोह के सरगना नितिन अरोड़ा को दिल्ली व यूपी में हत्या के प्रयास के दो मामलों वर्ष 2015 में गिरफ्तार हो चुका है। आरोपी अमित वर्मा वर्ष 2012 से ठगी कर रहा है।