भाजपा के दो रुपये किलो आटे को पीएम ही भूल गए, जनता क्या याद रखेगी?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अरविंद केजरीवाल ने 200 यूनिट बिजली और 20 हजार लीटर मुफ्त पानी का जो ट्रम्प कार्ड खेला है, भाजपा अब तक उसका काट नहीं ढूंढ पाई। किसी तरह से गरीबों को दो रुपये किलो आटे, कॉलेज जाने वाली लड़कियों को स्कूटी और साइकिल देने की योजना पेश भी की तो भाजपा उसे भुना नहीं पा रही है। जनता के बीच यह अभी भी चर्चा का विषय नहीं बन सका है। सबसे बड़ी बात तो ये कि भाजपा के सबसे बड़े स्टार प्रचारक पीएम नरेंद्र मोदी ही इसका उल्लेख करना भूल गए। पूर्वी दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट के पास बने सीबीडी ग्राउंड में प्रधानमंत्री ने एक घंटे का भाषण दिया। उन्होंने अरविंद केजरीवाल सहित विपक्ष पर जमकर हमला बोला लेकिन बीजेपी के लोकलुभावनी घोषणाओं का जिक्र तक नहीं किया।
भाजपा के घोषणा पत्र (संकल्प पत्र) को तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वाले एक नेता ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने भाषणों में हमारी योजनाओं की चर्चा कर देते तो यह बात जनजन तक पहुंच जाती, लेकिन उनके जिक्र न करने से यह बड़े बहस का हिस्सा नहीं बन पाया। उल्टे प्रधानमंत्री ने शाहीन बाग को एक संयोग नहीं प्रयोग कहकर बहस की पूरी दिशा उस तरफ मोड़ दी है। इससे हमारी योजनाओं का मुद्दा ठंडा पड़ गया।
हालांकि, अपने भाषण की शुरुआत में ही प्रधानमंत्री ने मंच पर बैठे पूर्वी दिल्ली और उत्तर-पूर्वी दिल्ली की 20 सीटों के प्रत्याशियों को 'भावी विधायक' कहकर संबोधित किया। ऐसा कहकर वे अपनी उसी आत्मविश्वास को दिखाने की कोशिश कर रहे थे जैसे कि वे लोकसभा में चुने जाने से पूर्व ही अगले सरकार के कामकाज को आगे बढ़ाने की शुरुआत कर दिखा चुके हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार तेजी से काम कर रही है। लंबे समय से अटके कामकाज को आगे बढ़ा रही है। लेकिन विपक्ष को इसकी चिंता हो गई है कि सरकार इतनी तेजी से क्यों चल रही है। वह चाहती है कि सरकार धीरे चले, लेकिन यह सरकार धीमी गति से चलने वाली नहीं है। वे और तेज चलेंगे और देश को एक नए मुकाम तक पहुंचाएंगे।
प्रधानमंत्री के आने से पहले ही मंच से लगभग उसी तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा था जैसा कि आजकल भाजपा के नेताओं के भाषणों में देखने को मिल रहा है। मंच से बीजेपी के पूर्व दिल्ली अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा कि जरा नारे जोर से लगाइए, इतनी जोर से कि ये आवाज वहां तक पहुंचे जहां इसे पहुंचना चाहिए। वे इशारों में शाहीन बाग का जिक्र कर रहे थे।