Mosquito Repellent Plants: घर में लगाएं तुलसी और लेमनग्रास, डेंगू-मलेरिया नहीं आएगा पास; जानें कैसे करते काम
जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए औषधीय पौधों की मांग बढ़ गई है। पुदीना, लैवेंडर, गुलमेंहदी, सिट्रोनेला, गेंदा समेत कई पौधों भी शामिल हैं।
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जलजनित बीमारियां डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचने के लिए लेमनग्रास, तुलसी, गेंदा, पुदीना, लैवेंडर के पौधों की मांग बढ़ गई है। दिल्ली की अलग-अलग नर्सरियों में खास किस्म के औषधीय पौधों की बिक्री में 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इनमें लेमनग्रास व सिट्रोनेला पौधों की मांग सबसे अधिक हैं। लोग इन्हें दिल्ली ही नहीं बल्कि हरियाणा, उत्तर प्रदेश से भी खरीदने पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक यह पौधे प्राकृतिक मॉस्किटो रेपेलेंट होते हैं। इनसे निकलने वाली महक से मच्छर दूर भागते हैं।
बारिश के मौसम में डेंगू व मलेरिया के मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। ऐसे में लोग इनसे बचाव के लिए कई तरीके अपना रहे हैं। ये पौधे घरों की सुंदरता के साथ मच्छरों को भगाने का काम भी कर रहे हैं। खास बात यह है कि सिट्रोनेला पौधे की पत्तियों को तो शरीर पर लगा भी सकते हैं। इसकी महक से मच्छर दूर भागते हैं और काटते नहीं हैं।
बॉटनी के विशेषज्ञ रबिंदर गंगवार ने बताया कि इन पौधों की महक मच्छरों को पसंद नहीं है। साथ ही, इनकी महक को अपने लिए खतरा मानते हैं। इससे वह दूर भागते हैं। गंगवार ने कहा कि लोग इन पौधों को घर पर लगाकर मच्छर जनित बीमारी से बच सकते हैं। इन पौधों को केवल दो से तीन घंटे सूरज की रोशनी की जरूरत होती है। यही नहीं, यह छोटे गमलों में भी लग जाते हैं। उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में इन पौधों की मांग काफी बढ़ गई है।
पौधों की गंध से नहीं आते हैं मच्छर
तुलसी के पौधे से मच्छर दूर भागते हैं। इसकी गंध से मच्छर आसपास भी नहीं आते हैं। साथ ही, इसके पानी को हाथ, गर्दन और पैरों पर स्प्रे करने से भी मच्छर दूर रहते हैं। इसी तरह लेमनग्रास की गंध काफी तेज होती है। इसे मच्छर सहन नहीं कर पाते और दूर भाग जाते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि इसे घर की बालकनी या खिड़की के पास रखने से मच्छर घर पर प्रवेश नहीं करते हैं। यह कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है। पौधे के अलावा लेमनग्रास ऑयल भी मच्छरों को भगाने में प्रभावी है। इसमें लिमोनेन और सिट्रोनेला जैसे तत्व होते हैं, जिससे मच्छर दूर रहते हैं। वहीं, गेंदे के फूल की गंध से भी मच्छर और दूसरे कीट-पतंगे दूर रहते हैं। इस पौधे से आने वाली गंध पाइरेथ्रम, सैपोनिन, स्कोपोलेटिन, कैडिनोल और अन्य तत्वों से मिलकर बनती है, जो मच्छरों को दूर रखती है।
रोहिणी से आरके पुरम नर्सरी में खरीदारी करने आईं प्रियंका सिंह ने बताया कि बारिश में मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। ऐसे में वह देसी उपाय करने के लिए लेमन ग्रास, तुलसी व अन्य किस्म के पौधे खरीदने आई हैं। वह कहती हैं कि उनके घर में छोटे बच्चे हैं। इससे उन्हें मच्छरों से बचाना जरूरी है। निजामुद्दीन में नर्सरी मालिक रामेश्वर यादव बताते हैं कि ये पौधे घर की सुंदरता बढ़ाने के साथ मच्छरों को भी घर से दूर रखने में मददगार साबित होते हैं। बारिश के बाद से लेमन ग्रास और तुलसी के पौधों की खरीदारी बढ़ गई है। लोग इन दिनों गेंदे के पौधे की काफी ज्यादा मांग कर रहे हैं।