पीयूष गोयल ने कोरस को किया लॉन्च, कहा- आरपीएफ को मिलेगी विश्वस्तरीय ट्रेनिंग
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अब क्रैक कमांडो टीम यात्रियों की सेवा में जुटेगी। रेलवे पुलिस प्रोटेक्शन फोर्स की टीम को विश्वस्तरीय ट्रेनिंग मिलेगी। रेलवे इनकी टीम के लिए हरियाणा के जगाधारी में ट्रेनिंग सेंटर भी खोलेगा। रैपिड एक्शन फोर्स की तरह इनका इस्तेमाल किया जाएगा। केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कमांडो फॉर रेलवे सिक्यूरिटी (कोरस) को राष्ट्र और देश की सेवा में समर्पित करने के मौके पर यह बातें कही।
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नई दिल्ली में आयोजित कोरस को लॉन्च करने के मौके पर पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि क्रैक कमांडो टीम को विश्वस्तरीय ट्रेनिंग दी जाएगी। इतना ही नहीं आरपीएफ को ट्रेनिंग देने वालों को भी कोरस स्तर की ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि इस फोर्स में शामिल 60-65 हजार जवानों को ट्रेनिंग मिल सके और यात्री बेखौफ ट्रेनों में यात्रा कर सके।
आरपीएफ की टीम की प्रशंसा के दौरान गोयल ने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि कोरस साहस, सौर्य, बहादुरी के साथ काम करेंगे। महिलाओं की सुरक्षा बेहतर तरीके से करेंगे। आतंकवादियों में डर फैलाएंगे। रेलवे बोर्ड के ट्रैफिक विभाग को भी नसीहत दी।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन थंडर के दौरान आरपीएफ की टीम ने जिस तरह से टिकट की कालाबाजारी करने वालों पर शिकंजा कसा वह काबिले तारीफ है। जो काम हमारे ट्रैफिक विभाग को करना चाहिए उसे आरपीएफ ने कर के दिखाया। अपनी जिम्मेदारी विभाग को स्वयं उठाने की आवश्यकता है ताकि दूसरे को जिम्मेदारी नहीं देनी पड़ी।
दलालों में जल्द कसेगा शिकंजा
गोयल ने टिकट के दलालों की समस्या पर कहा कि सख्त से सख्त कारवाई होनी चाहिए। राज्य पुलिस को भी सजग रहना होगा। ब्लैक में टिकट बेचने वालों पर शिकंजा कसने के लिए जनभागीदारी भी आवश्क है। जो टिकट देने की बात करे उसकी शिकायत की जाए ताकि अधिकारी उसपर कारवाई कर सके। जो अधिकारी कारवाई नहीं करेगा तो उस अधिकारी पर भी कारवाई की जाएगी।
आधुनिक हथियारों से लैस किया जाएगा
आरपीएफ क्रैक कमांडों को विश्वस्तरीय ट्रेनिंग देने के साथ उन्हें आधुनिक हथियारों से सुसज्जित किया जाएगा। गोयल ने कहा कि हमारे सभी जवान रेलवे को इतना सुरक्षित कर देंगे कि बिना कोई चिंता के रेल यात्री सफर कर सके। जान और समान का कोई खतरा यात्रियों को नहीं रहेगा। इस काम में टीसी, स्टेशन मास्टर को भी सहयोग करना होगा।
सीसीटीवी कैमरों का जाल होगा
गोयल ने बताया कि स्टेशन सीसीटीवी कैमरे से लैस होंगे। इतना ही नहीं सीसीटीवी का लिंक आरपीएफ, जीआरपी, डीआरएम कार्यालय, जोनल कार्यालय और मंत्रालय में भी रहेगा। इसकी जिम्मेदारी सिग्नलिंग और टेलीकॉम विभाग को दी गई है।
उन्होंने बताया कि सभी ट्रेनों को भी जल्द ही सीसीटीवी से लैसा किया जाएगा। सीसीटीवी पर वाई-फाई लगने का विशेष फायदा यह होगा कि स्टेशन से ट्रेन के गुजरने के साथ ही उसका फीड हर स्टेशन पर अपलोड हो जाएगा। कल्पना यह भी है कि ट्रेन के अंदर भी वाई-फाई की लग जाए ताकि चलती ट्रेन में सीसीटीवी से मिलने वाला फिड लाइव मिल सके। इससे चोर-उच्चकों को पकड़ने में सहूलियत होने के साथ ही सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
आरपीएफ का नया मैन्यूअल होगा
रेल मंत्री ने उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक टीपी सिंह को आधुनिक तरीके से आरपीएफ के लिए मैन्यूअल तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत होने के पहले यानी दिसंबर महीने तक नया मैन्यूअल तैयार करे ताकि नियम और कायदों में बोझिलपन कम हो और आसानी से सभी समझ सके।