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14 दिन संघर्ष के बाद पिंकी ने दम तोड़ा

Sun, 12 Oct 2014 06:08 PM IST
Updated Sun, 12 Oct 2014 06:08 PM IST
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Pinky dies 14 days after setting herself afire.

परीक्षा में खराब नंबरों से परेशान हो खुद को आग के हवाले करने वाली पिंकी नहीं रही। पिंकी के चाचा ने उसके मौत की पुष्टि की है।

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गौरतलब है कि पिंकी उन 1000 छात्राओं में से एक थी जिसने सेक्टर 14 स्थित राजकीय महिला परास्नातक विद्यालय और महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ जानबूझकर कम नंबर देने के खिलाफ प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान ही गुस्से में आकर उसने खुद को आग के हवाले कर दिया था।

गौरतलब है कि पिंकी ने अपने बयान में पांच अध्यापकों जिनमें चार महिला अध्यापक भी शामिल हैं पर खुद को आग लगाने के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। पिंकी बीएससी सेकेंड ईयर की स्टूडेंट थी और मानेसर के नजदीक कासन गांव की रहने वाली थी।
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छात्रा पिंकी की मौत के बाद सभी कॉलेजों में छुट्टी कर दी गई है। उच्चतर शिक्षा विभाग ने सभी राजकीय कॉलेजों में 15 अक्तूबर तक छुट्टी की है। जबकि सेक्टर-14 गर्वमेंट गर्ल्स कॉलेज में 26 अक्तूबर तक छुट्टी की घोषित कर दी गई है। सोमवार को हंगामें के आसार को देखते हुए रविवार सुबह अचानक छात्राओं की छुट्टी कर दी गई और उन्हें अपने घर जाने को कहा गया।
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छुट्टी पर भी उठने लगे हैं सवाल

Pinky dies 14 days after setting herself afire.

पिंकी की मौत की खबर के बाद सेक्टर-14 गर्वमेंट गर्ल्स कॉलेज की ओर से इसकी सूचना उच्चतर शिक्षा विभाग को दी। जिसके बाद कॉलेज बंद करने का निर्णय लिया गया। उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से गुड़गांव के सभी कॉलेजों को ई-मेल के जरिए छुट्टी करने का आदेश दिया गया। हालांकि आदेश में चुनाव के कारणों का हवाला दिया गया है।

छात्राओं का कहना है कि शनिवार देर रात तक उन्हें छुट्टी की किसी तरह की सूचना नहीं दी गई। रविवार सुबह छुट्टी लेकर अपने-अपने घर जाने को कहा गया और दीवाली तक मौखिक रूप से छुट्टी घोषित की गई है। छुट्टी घोषित होने के बाद हॉस्टल की आधी से अधिक छात्राएं दोपहर तक जा चुकी थी। बता दें कि हॉस्टल में करीब 650 छात्राएं रहती है। सवाल यह है कि पहले से चुनाव तय था, तो शनिवार या इससे पहले छुट्टी घोषित क्यों नहीं की?

उच्चतर शिक्षा विभाग ने कॉलेज बंद करने के लिए चुनाव को कारण बताया है। लेकिन, इसे लेकर खुद शिक्षक और छात्राएं भी सवाल उठा रहे हैं। चुनाव के कारण गुड़गांव में 13 व 14 को भी बंद करने का आदेश दिया गया है, जबकि दूसरे जिलों में महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (एमडीयू) से संबंधित सभी कॉलेज 13 व 14 अक्तूबर को खुली हुई है। जबकि दूसरे जिले में भी 15 अक्तूबर को चुनाव होना है। वहीं बिना किसी नोटिस के हॉस्टल में क्यों छुट्टी कर दी गई? छुट्टी के मामले पर उच्चरत शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव एसएस प्रसाद से बात की गई तो उन्होंने चुनाव की बात कहकर फोन काट दिया। जबकि कॉलेज प्रिंसिपल ज्ञानेंद्र सिंह फोन नहीं उठाए।

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