डीडीसीए में अनियमितता को लेकर जनहित याचिका
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भाजपा के निलंबित सांसद व पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद अब वित्त मंत्री एवं दिल्ली जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) के पूर्व अध्यक्ष अरुण जेटली के खिलाफ खुलकर कानूनी लड़ाई में आ गए हैं।
कीर्ति आजाद ने पूर्व क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी सहित अन्य के साथ मिलकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर डीडीसीए में व्याप्त अनियमितताओं की जांच के लिए प्रशासक नियुक्त करने की मांग की है।
आजाद व बेदी के अलावा द्रोणाचार्य पदक विजेता मनिंदर सिंह, क्रिकेट कोच गुरचरण सिंह व दो अन्य ने यह जनहित याचिका दायर की है। याचिका में उन्होंने केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली, केंद्र, दिल्ली सरकार, सीबीआई, बीसीसीआई व डीडीसीए के 13 पूर्व अध्यक्षों को पक्ष बनाया है।
याची ने अदालत से आग्रह किया है कि वह केंद्र को निर्देश जारी करे कि वह डीडीसीए को सस्ती दर पर जमीन देने व दी जा रही अन्य सभी प्रकार की छूट को रद्द करें।
चुनाव करवाने के प्रबंध कराने का निर्देश दिए जाने की मांग
याची ने मांग की है कि डीडीसीए में बरती जा रही वित्त अनियमितताओं व कुप्रबंधन की जांच के लिए एसआईटी गठित की जाए। इसके अलावा डीडीसीए में चुनाव आदि अन्य कामकाज के लिए अदालत स्वतंत्र प्रशासक की नियुक्त की जाए।
इसके अलावा डीडीसीए अधिकारियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच सीबीआई से करवाई जाए। याचिका में कहा गया है कि नियुक्त किए जाने वाले प्रशासक को नए सिरे से चुनाव करवाने के प्रबंध करने का निर्देश दिया जाए।
याची ने कहा कि इस मामले में केंद्रीय वित्त मंत्री, मंत्रिमंडल सदस्य व राज्यसभा में सदन के नेता अरुण जेटली शामिल हैं, ऐसे में सीबीआई मामले में निष्पक्ष जांच करने में समक्ष नहीं है। उन्होंने ज्यादातर अनियमितताएं अरुण जेटली के कार्यकाल में ही हुई हैं।