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दिल्ली सरकार की सम-विषम योजना को हाईकोर्ट में चुनौती, महिलाओं को मिली छूट पर उठाए गए सवाल
Tue, 22 Oct 2019 06:50 PM IST
Prachi Priyam
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Prachi Priyam
Updated Tue, 22 Oct 2019 06:50 PM IST
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राजधानी दिल्ली में 4-15 नवंबर तक चलने वाली सम-विषम योजना को जनहित याचिका दायर कर चुनौती दी गई है। इस योजना में महिला चालकों को छूट देने के कारण इसकी वैधानिकता को चुनौती दी गई है। चुनौती देने वाले याची का कहना है कि महिलाओं को यह छूट प्रदान करना समानता के अधिकार का उल्लंघन है।
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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ ने याची से योजना लागू करने वाली योजना की अधिसूचना की प्रति मांगी। इसपर याची ने कहा कि अभी अधिसूचना की कॉपी नहीं है। कोर्ट ने अधिसूचना की प्रति पेश करने का आदेश दिया है। इस याचिका पर एक नवंबर को सुनवाई होगी।
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इस जनहित याचिका को दायर कर अधिवक्ता शाश्वत भारद्वाज ने सम-विषम योजना लागू करने संबंधी दिल्ली सरकार के आदेश को रद्द करने की मांग की है। याची ने इसके लिए एक कमेटी बनाने की मांग की जिसमें वरिष्ठ नौकरशाहों के साथ बार पदाधिकारियों को भी शामिल किया जाए। उनका कहना है कि यह कमेटी सम-विषम योजना की व्यवहारिकता पर पड़ताल करे और अगर उसकी जगह कोई दूसरी बेहतर व्यवस्था लागू करे जो मूलाधिकारों का हनन न करती हो।
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याची का दावा है कि दिल्ली सरकार यह योजना केवल राजनीतिक लाभ पाने के लिए लागू कर रही है। सरकार ने इसे लागू करने से पहले विधि विभाग की भी राय नहीं ली है। अगर यह योजना लागू होती है तो इससे वकील प्रभावित होंगे और उसे मुकदमों की सुनवाई प्रभावित होगी जिसका सीधा असर मुव्वकिलों पर पड़ेगा, इसलिए यह योजना बिना सोच विचार के बनाई गई अव्यवहारिक व संवैधानिक है।