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दानिश के पिता बोले: बेटा दुनिया में नहीं, पर काम जिंदा है...बेटे को दूसरी बार पुलित्जर मिलने पर हुए भावुक

Wed, 11 May 2022 11:34 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 11 May 2022 11:34 AM IST
सार

देश के चार पत्रकारों को फीचर फोटोग्राफी श्रेणी में प्रतिष्ठित पुलित्जर पुरस्कार 2022 से सम्मानित किया गया है। इनमें से दो पत्रकार दिल्ली के हैं। एक हैं दानिश सिद्दीकी, जो पिछले साल अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता पर कब्जे के दौरान हुए संघर्ष की कवरेज के दौरान गोली लगने से मारे गए थे। उन्हें दूसरी बार पुलित्जर पुरस्कार मिला है।

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Photojournalist Danish father Akhtar Siddiqui overjoyed that son receives Pulitzer Prize for the second time
Photojournalist Danish - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फोटोजर्नलिस्ट दानिश के पिता अख्तर सिद्दकी बेटे को दूसरी बार पुलित्जर पुरस्कार मिलने से बेहद खुश हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उनके बेटे को उसके काम ने अमर कर दिया है। दुनिया उनका सम्मान कर रही है। उन्हें इस साल अप्रैल में बोस्टन विश्वविद्यालय द्वारा सम्मानित किया गया था। इससे पहले अन्य पुरस्कार भी दिए गए थे। 
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दुर्भाग्य से अब वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन काम जिंदा  है। पिछले साल जुलाई में कंधार शहर के स्पिन बोल्डक जिले में अफगान सैनिकों और तालिबान के बीच झड़पों को कवर करने करने गए दानिश की हत्या कर दी गई थी। दानिश के पिता ने हत्या के मामले की जांच करने और तालिबानी कमांडरों और नेताओं सहित अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय में शिकायत की है। 
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दानिश ने अफगानिस्तान संघर्ष, हांगकांग विरोध और एशिया, मध्य पूर्व और यूरोप की अन्य प्रमुख घटनाओं को व्यापक रूप से कवर किया था। दानिश ने दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से अर्थशास्त्र में स्नातक किया, जामिया से 2007 में मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की। इसके बाद एक टीवी न्यूज के संवाददाता के रूप में अपना कॅरियर शुरू किया। बाद में उन्होंने फोटो पत्रकारिता शुरू की। 2010 में इंटर्न के रूप में उन्होंने रॉयटर्स के साथ काम शुरू किया।
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पिता चाहते थे अदनान किराने की दुकान चलाए
अदनान आबिदी के पिता चाहते थे कि वह किराने की दुका चलाए, लेकिन अदनान को जब भी मौका मिलता, वह पब्लिक लाइब्रेरी से अपनी बहनों के लिए फोटोग्राफी की किताबें और फैशन मैगजीन इकट्ठा करते। शुरुआती शिक्षा उन्होंने मालवीय नगर के सरकारी स्कूल से की और इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से बी कॉम किया। 

अदनान ने बताया कि जब वह 17 साल के थे, तब जानेमाने फोटोग्राफर एस. पॉल के फोटोग्राफ्स उन्हें प्रभावित करते थे। तभी से उन्होंने नियमित रूप से फोटोग्राफी शुरू कर दी थी। दक्षिणी दिल्ली के हौजरानी निवासी अदनान को तीसरी बार पुलित्जर पुरस्कार मिला है।

इससे पहले रोहिंग्या संकट की कवरेज के लिए फीचर फोटो श्रेणी में 2018 में यह पुरस्कार मिला था। इसके बाद हांगकांग में सिटिजन प्रोटेस्ट की कवरेज के लिए ब्रेकिंग न्यूज श्रेणी में उन्हें दूसरी बार पुलित्जर पुरस्कार प्राप्त हुआ।
 
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