मुखर्जी नगर में पीजी और कोचिंग सेंटर बंद, नोटिस चिपकाया, कारणों का जिक्र नहीं
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दिल्ली पुलिस वायरल वीडियो और मुखर्जी नगर थाना प्रभारी की ओर से जारी नोटिस को फर्जी होने का लाख दावा करे, लेकिन पुलिस के कथित निर्देश के बाद मुखर्जी नगर स्थित कोचिंग सेंटर और पीजी पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं।
संचालकों की ओर से केंद्र के बाहर चस्पा किए गए नोटिस में लिखा है कि 25 दिसंबर से 1 जनवरी तक कोचिंग सेंटर बंद रहेंगे। इस दौरान सिर्फ प्रशासनिक कार्य होंगे।
जिला पुलिस उपायुक्त विजयंता आर्या का कहना है कि सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो से छेड़छाड़ की गई है। साथ ही जिसे मुखर्जी नगर थाना प्रभारी की ओर से जारी पत्र बताया जा रहा है वह पूरी तरह से फर्जी है। पुलिस की ओर से इस तरह के कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।
पुलिस इस मामले की जांच शुरू कर दी है। कोचिंग सेंटर पूरी तरह से बंद होने की बात पूछने पर उन्होंने बताया कि छुट्टियां होने की वजह से बच्चे अपने घर चले गए हैं। इसलिए संचालकों ने अपने कोचिंग बंद कर दिए हैं।
मुखर्जी नगर के बत्रा सिनेमा हॉल के पास बृहस्पतिवार को सभी कोचिंग सेंटर बंद मिले। सभी कोचिंग सेंटर पर संचालकों ने एक नोटिस चस्पा कर रखा है। जिसमें साफ तौर लिखा था कि 25 दिसंबर से 1 जनवरी तक कोचिंग सेंटर बंद रहेंगे।
हालांकि नोटिस में कोचिंग बंद करने के कारणों के बारे में उल्लेख नहीं किया गया है। छुट्टियों के दौरान प्रशासनिक कार्य किए जाने की बात लिखी गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि वर्ष 2017 में मुखर्जी नगर में बवाल हुआ था।
उसके बाद से नये साल से पहले तीन दिन के लिए मुखर्जी नगर स्थित कोचिंग सेंटर और पीजी बंद करवा दिए जाते थे। लेकिन इस वर्ष नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हो रहे विरोध और कई इलाकों में लगे धारा 144 को देखते हुए ज्यादा दिनों के लिए बंद किए गए हैं। बंद का असर इलाके में साफ तौर पर दिख रहा है।
कोचिंग सेंटर बंद होने से छात्रों की पढ़ाई बाधित
कोचिंग सेंटर बंद होने से यहां पढ़ने वाले छात्रों की पढ़ाई बाधित हुई है। छात्रों का कहना है कि कोचिंग सेंटरों में एक नियमित अवधि के लिए पढ़ाई होती है। ऐसे में करीब हफ्ते भर से ज्यादा की छुट्टी से सिलेबस पूरा नहीं हो पाएगा या फिर उसको पूरा करने के लिए कोचिंग सेंटर वाले जल्दबाजी से निपटाने की कोशिश करेंगे। जिसका नुकसान छात्रों को उठाना पड़ेगा।
रेलवे की परीक्षा की कोचिंग ले रहे गौरव गर्ग ने बताया कि इस तरह से कोचिंग के बंद होने का नुकसान छात्रों को उठाना पड़ेगा। छात्रों के पढ़ने का लय टूट जाएगा। उसने कहा कि स्कूल और कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र इन दिनों छुट्टियों में घर चले जाते हैं लेकिन कोचिंग में पढ़ने वालों को एक दिन की पढ़ाई नहीं होने से दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।
एसएससी की परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग ले रहे छात्र राहुल ने बताया कि इस तरह से कोचिंग सेंटरों को बंद नहीं करना चाहिए। प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के पास काफी कम समय होता है। ऐसे में कोचिंग बंद होने से उनके पढ़ाई पर असर पड़ेगा। राहुल ने बताया कि वह किराए पर कमरा लेकर रह रहा है इसलिए उसे यहां से जाना नहीं पड़ा है। लेकिन पीजी बंद होने से कई छात्रों को मजबूरन घर जाना पड़ा है।
व्यावसायिक गतिविधियां भी प्रभावित
कोचिंग सेंटर बंद होने से मुखर्जी नगर के बत्रा के पास स्थित व्यावसायिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। बुक स्टॉल से लेकर खाने पीने का सामान बेचने वाले भी इस बंद से प्रभावित हुए हैं।
किताब के प्रकाशक मयंक सचान का कहना है कि उनका धंधा पूरी तरह से चौपट हो गया है। बुक स्टॉल मालिक रंजीत ने बताया कि हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सुबह से दुकान खोलने के बाद करीब दो बजे तक एक दो ग्राहक ही उसकी दुकान में आए हैं।
वहीं कोचिंग सेंटरों व अन्य लोगों के लिए विज्ञापन का बोर्ड बनाने वाले हरिशंकर सिंह ने बताया कि अन्य सालों की तुलना में इस बार ज्यादा दिन के लिए बंद किया गया है। जिससे सभी लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं लिट्टी चोखा का दुकान लगाने वाले राजू का कहना है कि पुलिस ने बंद कर उनके नये साल को खराब कर दिया।