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स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर, 8 मई को होगी सुनावाई
Tue, 05 May 2020 12:44 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 05 May 2020 12:44 AM IST
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कोरोना महामारी के दौरान कोविड-19 के मरीजों के इलाज में जुटे स्वास्थ्य कर्मियों के लिए पीपीई किट की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच स्वास्थ्य कर्मियों को सुरक्षित रखने के लिए अन्य सुविधाएं देने की भी मांग की गई है। हाईकोर्ट इस याचिका पर 8 मई को सुनवाई करेगी।
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यह याचिका गैर सरकारी संस्था जस्टिस फॉर ऑल की ओर से दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि कोरोना वायरस से पीड़ित स्वास्थ्य कर्मियों का निजी अस्पतालों में निशुल्क इलाज करवाया जाए। इसके साथ ही याचिका में मांग की गई कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 8 अप्रैल को कोविड-19 को पर जारी दिशानिर्देशों के तहत केंद्र को निर्देश दिए जाएं, ताकि स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए पर्याप्त सुविधाएं मिल सकें। याचिका में दावा किया गया है कि औसतन 5 कोरोना संक्रमितों में से एक स्वास्थ्य कर्मी है।
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याचिका में यह भी दावा किया गया है कि स्वास्थ्य कर्मियों के लिए मंगाई जा रही पीपीई किट खराब क्वॉलिटी की हैं, जिनका कोई मानक नहीं है। इसलिए जो पीपीई किट मंगाई जाएं उन्हें उन सीनियर और जूनियर डॉक्टरों से स्वीकृत करवाया जाए जो पीपीई किट का इस्तेमाल कर रहे हैं। खराब गुणवत्ता वाली पीपीई किट बेचने और खरीदने वालों के लिए सजा का प्रावधान किया जाए।
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याचिका में यह भी मांग की गई कि स्वास्थ्य कर्मियों को कैब के जरिए निशुल्क परिवहन की सुविधा दी जाए। जिस घर में पति-पत्नी दोनों ही मेडिकल प्रोफेशनल हैं, उनमें से सिर्फ एक की ड्यूटी लगाई जाए, ताकि दूसरा घर में बच्चों या बुजुर्गों की देखरेख कर सके। इनका वेतन का कोई हिस्सा न काटा जाए।