'मुझे भी मरना होगा...': मौत से कुछ घंटे पहले मकान मालिक ने बनाई थी रील, लोग बोले- शायद हो गया था अहसास
रोहिणी में इमारत गिरने से मकान मालिक राम दुआ की मृत्यु हो गई। उन्होंने हादसे से पहले इंस्टाग्राम पर एक रील पोस्ट की थी। उनके बेटे बिलखते हुए उन्हें याद कर रहे हैं।
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अमीर हूं, अमर नहीं, मुझे भी मरना होगा मेरे भाई...। रोहिणी हादसे में जान गंवाने वाले मकान मालिक राम दुआ को शायद अपनी मौत का अहसास हो गया था। तभी उन्होंने बुधवार को हादसे से कुछ समय पहले यह रील बनाकर इंस्टाग्राम पर पोस्ट की थी। उन्हें गानों के साथ रील बनाने का बहुत शौक था। देर शाम इस हादसे के बाद उनकी इस रील को देखकर उनके बेटे बिलखते हुए बार-बार अपने पिता को याद करते दिखे।
राम दुआ के परिवार के एक सदस्य ने बताया कि भाई बेहद हंसमुख, सामाजिक और बेहद धार्मिक थे। वह हर किसी की मदद के लिए हमेशा खड़े रहते थे। आसपास के लोग भी उनको काफी पसंद करते थे। राम दुआ चुपचाप गरीबों की मदद कर दिया करते थे। उन्होंने बताया कि जिस इमारत का निर्माण चल रहा था, इस जगह राम दुआ का मकान था।
वह पिछले करीब 40 वर्षों से इसी मकान में रहते थे। करीब डेढ़ साल पहले उन्होंने अपने दोनों बेटे विशाल और राहुल से नया मकान बनाने की बात की और एक साल पहले इसका काम भी शुरू करवा दिया। घर से दो गली छोड़कर किराए का मकान लेकर रहने लगे। राम दुआ का केटरिंग का कारोबार था।
बेटे भी पिता के साथ काम करते थे। परिजन ने बताया कि बुधवार दोपहर खाना खाने के बाद वह मकान में चल रहे काम को देखने के लिए घर से निकले। जब इमारत गिरी तो वह उस समय ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग के एरिया में कुर्सी डालकर अकेले बैठे थे। इमारत गिरने के बाद परिजन भागे-भागे मौके पर पहुंचे।
पड़ोसियों ने उनके मलबे में दबने के बारे में बताया। बेटों ने पिता के मोबाइल पर कॉल की लेकिन उनका नंबर नॉट रिचेबल आ रहा था। इसके बाद भी परिवार को आस थी कि राम दुआ मलबे में नहीं दबे हैं बल्कि कहीं और हैं। इस बीच देर रात राम दुआ का शव मलबे से निकाला गया। अब उनकी याद आखिरी रील रह गई है जो हादसे के दिन उन्होंने सुबह पोस्ट की थी।