जिन्न की अफवाह से खौफ के साए में जी रहे हैं लोग
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मानेसर इलाके में अफवाहों का सिलसिला चरम पर पहुंच गया है। अंधविश्वास व डर और भय की अफवाहों ने सिलबट्टों को नहीं बक्शा हैं। वहीं गुड़गांव जिले समेत हरियाणा के कई इलाकों में इन दिनों सिलबट्टे व जिन्नकी अफवाहों में पिस रहे हैं।
हरियाणा के जिला फरीदाबाद,गुड़गांव,रेवाड़ी,मेवात के होडल व नूंह व यूपी में बुलंदशहर,खुर्जा,अनूपशह,सिकंदराबाद तथा राजस्थान के तिजारा व जिला अलवर समेत अन्य क्षेत्रों में इस तरह की अफवाहों की खबरें आ रही हैं।
इस क्षेत्रों में रात के समय में जिन्न बाहर निकल आते हैं और कई तरह की हरकतों को अंजाम दे रहे हैं। जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल हैं। ग्रामीण रात भर ठीक से सो नहीं पा रहे हैं।
इस बात का है लोगों में खौफ
महिलाएं घर की दीवारों व सिलबट्टों पर लाल व काले स्वातिक बनाकर पूजा पाठ कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि किसी तरह से जिन्न से पीछा छुट जाए।
इसलिए वह पूजा कर रही हैं। बच्चों को भी रात भर डर के मारे नींद नहीं आ रही हैं। अफवाह है कि रात के किसी भी समय सिलबट्टों पर खुट-खुट की आवाज सुनाई देती है।
सुबह उठकर देखते है,तो सिलबट्टे पूरी तरह से ठोंके हुए मिलते हैं। इसके अलावा चक्की के पाट भी अपने आप ही टंके हुए मिलते हैं। कई जगह पर सिलबट्टे व चक्की के पाट टूटे हुए निकलते हैं।
गुड़गांव के गांव कासन-खोह,अलियर-ढाणा व मानेसर समेत आसपास के गांवों में ऐसी अफवाएं जोरों पर हैं। इस वजह से ग्रामीणों में डर व भय का माहौल बना हुआ है।
खून के छींटे काले धब्बों की वजह से महिलाएं कर रही पूजा
ग्रामीणों ने चटनी पीसने वाले सिलबट्टों को ही छुपाकर रख दिया है। महिलाएं अब कई दिनों से मिक्सी में ही चटनी बना रही है। जिससे की उनके घरों में कहीं खुट-खुट की आवाज न हो और जिन्न से छुटकारा मिल सके।
महिलाएं घरों के मैन गेट पर उल्टे हाथों के मेहंदी व हल्दी के हाथ लगाकर टोना-टोका कर रही है। घरों में रखे सिलबट्टों को बाहर फैंक दिया है। जिससे की जिन्न उनके घरों में न घुस सके।
टोटके-टोना व भूत-प्रेत अफवाहें हैं। लोगों को भ्रमित करने के लिए ही अफवाएं फैलाई जा रही है। घरों के बाहर खून के छींटे, काले धब्बे बनाना शरारती तत्वों के दिमाग की उपज हो सकती है।
ऐसे मामलों में धर्मोर्यों का कहना है कि ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें। यह केवल टोना टोटका है।