रेल बजट की चोट पर जेटली ने लगाया मरहम
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मोदी सरकार के पहले आम बजट ने रेल बजट के दर्द पर काफी हद तक मरहम लगाने का काम किया है। इस पर आम लोगों की राय मिली-जुली है। उद्योग जगत और रीयल एस्टेट सेक्टर बजट से काफी उत्साहित है। वहीं बीपीओ सेक्टर को बजट से निराशा हुई है। आईटी सेक्टर के लिए भी बजट ज्यादा मुफीद नहीं है।
साइबर सिटी में लोगों की निगाहें सुबह से ही आम बजट पर लगी हुई थीं। लोगों को लग रहा था तक यह बजट भी रेल बजट की तरह से काफी टाइट होगा। मगर यह लोगों को थोड़ी राहत प्रदान करने वाला साबित हुआ। मध्यवर्ग टैक्स स्लैब में मिली छूट से राहत महसूस कर रहा है।
हालांकि लोगों का कहना है कि अगर सरकार ने टैक्स छूट की सीमा पांच नहीं की तो कम से कम तीन लाख तो जरूर करना चाहिए था। प्राइवेट जॉब करने वाले विकास का कहना है कि महंगाई के इस दौर में पांच लाख रुपये की वार्षिक कमाई टैक्स फ्री होनी चाहिए।
छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने का प्रस्ताव सराहनीय
आईएमटी मानेसर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के महासचिव मनोज त्यागी ने कहा कि वित्त मंत्री का यह बजट काफी सराहनीय है। इसने उद्योगों को बढ़ावा देने की जो मंशा दिखाई है वह तारीफ के काबिल है। छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने का जो प्रस्ताव है वह अच्छा है। छोटे उद्योगों को प्रोत्साहन की काफी जरूरत है। इनके विकास से बड़े उद्योगों को फायदा होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा प्राधिकरण के लिए भी 100 करोड़ रुपये देने की घोषणा स्वागत योग्य है।
उद्यमियों ने बजट में लघु और मध्यम दर्जे के उद्योगों के लिए पूंजी की सीमा बढ़ाने की घोषणा, 16 नई बंदरगाह परियोजना शुरू करने की योजना और स्पेशल इकोनॉमिक जोन फिर से शुरू किए जाने के ऐलान को सराहा। सात स्मार्ट औद्योगिक शहर बनाने की योजना की तारीफ की।
बीपीओ सेक्टर को निराशा
साइबर सिटी एनसीआर का सबसे बड़ा बीपीओ हब है। यहां के बीपीओ सेक्टर को बजट से कोई प्रत्यक्ष लाभ नहीं हुआ। वर्ल्ड बीपीओ फाउंडेशन के अध्यक्ष दीपक कपूर का कहना है कि सर्विस सेक्टर को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है। रीयल एस्टेट सेक्टर को छूट देने से बीपीओ और कॉल सेंटरों से फायदा हो सकता है। मगर यह काफी नहीं है।
अरुण जेटली के बजट से अगर कोई सेक्टर सबसे उत्साहित है तो वह रीयल एस्टेट सेक्टर है। रहेजा डेवलपर्स के सीएमडी नवीन रहेजा ने कहा कि होम लोन के ब्याज पर जो छूट सरकार ने दी है वह रीयल एस्टेट सेक्टर के अच्छे दिन लाएगी।
बायर्स निकल कर आएंगे और लोगों की ईएमआई भी कम हो जाएगी। राष्ट्रीय आवासीय योजना के लिए जो फंड देने की घोषणा हुई है। इससे फायदा मिलेगा।