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फीस वृद्धि के खिलाफ अभिभावकों ने किया पैदल मार्च
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Wed, 12 Apr 2017 09:48 PM IST
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निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि के खिलाफ अभिभावक एसोसिएशन का प्रदर्शन लगातार जारी है। बुधवार को सेक्टर 49 स्थित डीएवी स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन ने फीस वृद्धि के खिलाफ सेक्टर 16 स्थित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय तक शांतिपूर्ण पैदल मार्च किया। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी नहीं मिलीं तो गुस्साए अभिभावकों ने लघु सचिवालय की ओर कूच किया। अभिभावकों ने जिला उपायुक्त के सामने अपनी समस्याएं रखीं।
एसोसिएशन के जितेंद्र भडाना ने बताया कि स्कूल ने 10 प्रतिशत के बजाय 30 प्रतिशत फीस बढ़ाकर अभिभावकों का आर्थिक शोषण किया है। स्कूल प्रशासन कह रहा है कि हमनें दस फीसदी फीस बढ़ाई है लेकिन अभिभावकों को थमाए गए सर्कुलर में फीस 30 प्रतिशत तक बढ़ी है।
अभिभावकों ने बढ़ी फीस का फैसला वापस लेने, स्कूल में पैरेट्स टीचर एसोसिएशन का गठन करने, स्कूल का हर वर्ष ऑडिट करने की मांग प्रशासन से की है। अभिभावकों के प्रदर्शन की खबर सुनकर जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. मनोज कौशिक भी लघु सचिवालय पहुंच गईं। जिला उपायुक्त ने एडीसी को निर्देश दिए कि इस मामले का हल निकालने के लिए तीन दिन में अभिभावक, स्कूल प्रबंधन के साथ बैठक की जाए। स्कूल प्रशासन से जवाब तलब किया जाएगा कि आखिर फीस क्यों बढ़ाई जा रही है।
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चार दिन के विरोध के बाद खत्म हुई हड़ताल से भी कोई रास्ता नहीं निकल पाया। सोमवार तक स्कूल में छुट्टी होने के चलते अभिभावक की समझ में नहीं आ रहा है कि विद्यार्थियों को स्कूल में एंट्री मिल पाएगी या नहीं। ऐसे में अभिभावक फिर से आमरण अनशन की राह पकडने की तैयारी कर रहे हैं। प्रधान संजीव पजनी ने बताया कि स्कूल प्रबंधन बच्चों को स्कूल से निकालने के हर तरह का प्रयास कर रहा है, इसलिए अब छुट्टी का खेल खेला जा रहा है।
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एसोसिएशन के जितेंद्र भडाना ने बताया कि स्कूल ने 10 प्रतिशत के बजाय 30 प्रतिशत फीस बढ़ाकर अभिभावकों का आर्थिक शोषण किया है। स्कूल प्रशासन कह रहा है कि हमनें दस फीसदी फीस बढ़ाई है लेकिन अभिभावकों को थमाए गए सर्कुलर में फीस 30 प्रतिशत तक बढ़ी है।
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अभिभावकों ने बढ़ी फीस का फैसला वापस लेने, स्कूल में पैरेट्स टीचर एसोसिएशन का गठन करने, स्कूल का हर वर्ष ऑडिट करने की मांग प्रशासन से की है। अभिभावकों के प्रदर्शन की खबर सुनकर जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. मनोज कौशिक भी लघु सचिवालय पहुंच गईं। जिला उपायुक्त ने एडीसी को निर्देश दिए कि इस मामले का हल निकालने के लिए तीन दिन में अभिभावक, स्कूल प्रबंधन के साथ बैठक की जाए। स्कूल प्रशासन से जवाब तलब किया जाएगा कि आखिर फीस क्यों बढ़ाई जा रही है।
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चार दिन के विरोध के बाद खत्म हुई हड़ताल से भी कोई रास्ता नहीं निकल पाया। सोमवार तक स्कूल में छुट्टी होने के चलते अभिभावक की समझ में नहीं आ रहा है कि विद्यार्थियों को स्कूल में एंट्री मिल पाएगी या नहीं। ऐसे में अभिभावक फिर से आमरण अनशन की राह पकडने की तैयारी कर रहे हैं। प्रधान संजीव पजनी ने बताया कि स्कूल प्रबंधन बच्चों को स्कूल से निकालने के हर तरह का प्रयास कर रहा है, इसलिए अब छुट्टी का खेल खेला जा रहा है।