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समस्याओं से आजिज शहर ने पकड़ी प्रदर्शन की राह
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Tue, 20 May 2014 08:38 PM IST
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शहर में मंगलवार का दिन धरना और प्रदर्शन के नाम रहा। कर्मचारी संगठनों की अगुआई में विभिन्न कंपनियों के कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया।
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दूसरी ओर, सरकारी विभागों से जुड़े कर्मचारियों ने भी अपनी अपनी मांगों के समर्थन में बवाल मचाया। इसके इतर शहर के एक हिस्से के लोगों ने धनवापुर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की समस्या से आजिज आ कर सड़कों पर जुलूस निकाला और उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। सुबह 10 बजे से शुरू हुआ जुलूस, धरने और प्रदर्शन का दौर शाम पांच बजे तक चला।
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निगम कार्यालय पर जड़ा ताला
दो माह का वेतन नहीं मिलने से नाराज नगर निगम के आउटसोर्स कर्मचारियों ने सेक्टर 39 स्थित निगम कार्यालय पर ताला जड़ दिया। काफी देर तक इन कर्मचारियों ने कार्यालय के बाहर हंगामा किया। सूचना पर पहुंचे निगम के कार्यकारी अधिकारी डॉ. विजयपाल यादव के आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने गेट का ताला खोला। नगर निगम की इंजीनियरिंग विंग में करीब 200 कर्मचारी आउटसोर्स पर नियुक्त हैं। इनमें कम्यूटर ऑपरेटर से लेकर लिपिक वर्ग तथा दूसरे कर्मचारी शामिल हैं। डीएस और आधार ग्रुप के अधीन काम करने वाले इन कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें मार्च और अप्रैल महीने का वेतन अभी तक नहीं मिल पाया है। निगम अधिकारियों से कई बार इस बारे में शिकायत की गई, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया। निगम की अकाउंट ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया कि दोनों एजेंसियों के बिल रिलीज कर दिए गए हैं। कर्मचारियों को एजेंसियों की ओर से वेतन नहीं मिल पाया है। इसमें निगम का कोई दोष नहीं है।
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बिजली कर्मचारी भड़के
ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन ने बिजली निगमों के प्रबंधन और सरकार की नीतियों के खिलाफ सेक्टर 14 स्थिति निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का आरोप है कि लाइन लॉस का बहाना बनाकर 11 केवी के फीडरों को फ्रेंचाइजी के हवाले करने की साजिश की जा रही है। प्रदर्शन की अगुआई करते हुए सर्कल सचिव ब्रह्मप्रकाश और सुरेंद्र मलिक ने कहा कि बिजली मंत्री को तत्काल कर्मचारियों की स्वीकृत मांगों पर गौर करना चाहिए।
यूनियन के उपाध्यक्ष देवी सिंह पंवार ने कहा कि सरकार ने बिजली निगमों को प्रयोगशाला बना रखा है।
ठेकेदारों को लाइन लॉस कम करने की जिम्मेदारी दी जा रही है। इससे पूर्व भी बिजली विभाग में अनेक काम ठेकेदारों से करवाए गए हैं, जिनमें वितरण निगमों को भारी घाटा उठाना पड़ा है। ऐसे ठेकेदारों के खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। साथ ही कर्मचारियों की स्वीकृत हो चुकी मांगों पर गौर नहीं किया जा रहा है।
सात घंटे सचिवालय पर दिया धरना
विभिन्न कंपनियों के कर्मचारियों ने प्रबंधन की हठधर्मिता के विरोध में लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया। सात घंटे चले प्रदर्शन में कई नामी कंपनियों के यूनियन पदाधिकारियों ने शिरकत की। एटक के बैनर तले पूर्व घोषित कार्यक्रमानुसार सैंकड़ों कर्मचारी सुबह 10 बजे लघु सचिवालय के सामने एकत्रित हो गए। थोड़ी देर में ही प्रदर्शन ने कर्मचारी जनसभा का रूप ले लिया।
एटक के महासचिव अमर सिंह यादव ने कहा कि मानेसर में मंजाल किरू और सीनियर इंडिया कंपनी से कई कर्मचारियों को बेवजह निकाल दिया गया। श्रम विभाग के हस्तक्षेप के बाद कंपनी प्रबंधनों ने कर्मचारियों को वापस लेने का आश्वासन दिया, लेकिन अभी तक उन कर्मचारियों की बाहली नहीं हो पाई। यह सरासर समझौते का उल्लंघन है। श्रम अधिकारी भी इस बारे में कोई एक्शन लेने को तैयार नहीं है। कर्मचारियों को सुरेश गौड़, सुरेश यादव, अनिल पंवार सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। इन नेताओं ने कंपनी प्रबंधनों पर श्रमिकों के शोषण का आरोप भी लगाया।
प्लांट शिफ्ट कराने को जूलूस निकाला
धनवापुर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को शिफ्ट करने के लिए आसपास की कॉलोनियों, गांवों और सेक्टर सैंकडों लोगों ने शहर की सड़कों पर जूलूस निकाल कर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। धनवापुर का ट्रीटमेंट प्लांट लंबे समय से बंद है। इसक कारण पूरे एरिया में बदबू से लोगों का जीना मुहाल है। पिछले दिनों भी लोगों ने इसके लिए प्रदर्शन किया, लेकिन कोई ठोस कदम प्रशासन की ओर से नहीं उठाया गया। इससे नाराज धनवापुर, सेक्टर 9, 9ए, दौलताबाद, बसई, सूर्य विहार, सूरत नगर सहित कई कॉलोनियों के लोगों ने ट्रीटमेंट प्लांट से लेकर लघु सचिवालय तक जुलूस निकाला।
यहां पहुंचकर लोगों ने उपायुक्त शेखर विद्यार्थी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। सेक्टर 9 ए आरडब्लूए के प्रधान कर्नल राम सिंह, सेक्टर नौ के प्रधान जेएस लांबा, धनवापुर के पूर्व सरपंच शीशराम ने कहा कि ट्रीटमेंट प्लांट से आसपास मे रहने वाले लोगों व उनके नवजात बच्चों को दमे सहित अन्य कई प्रकार की बीमारियां होने लगी हैं। प्लांट को यहां से शिफ्ट नहीं किया गया तो वे बड़े आंदोलन को मजबूर होंगे। प्रदर्शन में परिवर्तन संघ के कार्यकर्त्ता भी शामिल थे। उपायुक्त ने हुडा और नगर निगम से यथास्थिति की जानकारी के बाद आगामी कार्रवाई का आश्वासन दिया।