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ईएमयू में यात्रा खतरे से खाली नहीं, 15 दिन में दूसरी बार चलती ट्रेन में हुई घटना
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Sat, 08 Jul 2017 09:11 PM IST
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EMU TRAIN
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आम आदमी की लाइफलाइन कही जाने वाली ईएमयू डेंजर जोन बनती नजर आ रही है। एक के बाद एक आपराधिक घटनाओं ने रेलवे की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। 15 दिनों के अंदर चलती ट्रेन में दो बड़ी घटनाओं ने रेलवे के सुरक्षित सफर के दावे को खारिज कर दिया है। अराजक तत्वों के कारण ईएमयू में दिल्ली-मथुरा के बीच का सफर सबसे ज्यादा असुरक्षित हो गया है। हालात इस कदर बन गए हैं कि यात्री इस रूट पर ईएमयू से सफर करने से खौफ खा रहे हैं।
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कोसीकलां स्टेशन से लेकर रूंधी तक रोजाना अराजक तत्वों का साम्राज्य रहता है। इस दौरान होडल को छोड़कर किसी भी स्टेशन पर जीआरपी चौकी नहीं होने के कारण अराजक तत्व यात्रियों को जबरन सीट से उठा देते हैं। विरोध करने पर विवाद बढ़ने की घटनाएं चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इन घटनाओं के बावजूद अब तक जीआरपी ने कोई मुस्तैदी नहीं दिखाई है। रेलयात्रियों ने बताया कि रोजाना सफर करने वाले अराजक तत्व अपनी सीटों पर किसी को भी बैठने नहीं देते हैं और मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। जुनैद हत्याकांड के बाद माना जा रहा था कि घटना से सबक लेते हुए रेलवे अपनी लापरवाही को सुधारेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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नहीं बढ़ाए जा रहे ईएमयू के कोच
रेल पैंसेजर वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा दिल्ली-मथुरा और मथुरा-दिल्ली ईएमयू के कोच की संख्या 12 से बढ़ाकर 15 करने की मांग की जा रही है, लेकिन रेल प्रशासन की तरफ से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस वजह से कई लोगों को मथुरा से दिल्ली तक खड़े होकर सफर करना पड़ रहा है। इस मार्ग पर यात्रियों पर निगरानी भी सही तरीके से नहीं होती है। जानकारी के अनुसार एक कोच में 94 यात्रियों के बैठने की जगह होने के बावजूद 600 यात्री सफर करते हैं। ऐसे में जीआरपी यात्रियों की जांच भी नहीं कर पाती है।
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इन स्टेशनों पर नहीं होती जांच
मथुरा से दिल्ली जाने वाली ईएमयू में कोसीकलां, होडल, बंचारी, शोलाका, रूंधी स्टेशन आते हैं। इन स्टेेशन से सफर करने वाले यात्रियों की किसी प्रकार की चेकिंग नहीं होती है। जीआरपी और आरपीएफ की लापरवाही का फायदा अराजक तत्व उठाते हैं। रूंधी के बाद पलवल स्टेशन पर यात्रियों पर निगरानी के नाम पर महज खानापूर्ति होती है।
पूर्व में हो चुकी प्रमुख घटनाएं
-19 मार्च-15- कोसी-होडल के बीच एमपी के मंत्री जयंत मलैया की पत्नी से जबलपुर-निजामुद्दीन एक्सप्रेस में लूटपाट।
-15 मई-15- इंटरसिटी एक्सप्रेस में ओखला आउटर पर डकैती। दो ट्रेन चालक समेत तीन लोग घायल।
-16 जुलाई-15- ओल्ड स्टेशन के आगे देहरादून एक्सप्रेस में चलती ट्रेन से टीटीई प्रेम सिंह मीना को फेंका।
कोट
रेल प्रशासन को पत्र लिखा जा रहा है। प्रमुख रूप से तीन मांगों को उठाया गया है। ईएमयू में कोच की संख्या 15 करने, जीआरपी द्वारा ईएमयू की विशेष चैकिंग एवं निगरानी करने, दिल्ली से सामान लेकर आ रहे यात्रियों की सीमा तय करने की मांग की है। कोच संख्या कम होने के कारण रोजाना सीट विवाद बढ़ता जा रहा है।
-प्रकाश मंगला, अध्यक्ष, रेल पैंसेजर वेलफेयर एसोसिएशन
कोट
मथुरा से दिल्ली जाने वाली शटल में यात्रियों से मारपीट का मामला संज्ञान में आया है। कोसीकलां में जीआरपी द्वारा यात्रियों की निगरानी की जाती है। छाता कोसीकलां जीआरपी क्षेत्र में आता है। ईएमयू की चैकिंग की जा रही है।
-विजय सिंह, एसएचओ जीआरपी, मथुरा