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Ghaziabad: पानी पीने से बीमार हुए लोग, टैंक को साफ नहीं करते बिल्डर; तीन दिन से घरों में आ रहा गंदा पानी
Fri, 03 May 2024 03:25 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: श्याम जी.
Updated Fri, 03 May 2024 03:25 PM IST
सार
गाजियाबाद में पानी पीने से लोग बीमार हो गए। शिकायत पर पानी की जांच करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को सिक्योरिटी स्टाफ ने गेट पर इंतजार कराया।
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जांच करती हुई स्वास्थ्य विभाग की टीम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वैभवखंड स्थित साया गोल्ड एवेन्यू सोसायटी में दूषित पानी पीने से करीब 250 से अधिक लोगों के पेट में दर्द के साथ ही उल्टी और दस्त की दिक्कत हो गई। हालत बिगड़ने पर 35 लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में लोगों को जब एक जैसी समस्या हुई तो स्वास्थ्य विभाग तक शिकायत पहुंची। शुक्रवार को सोसायटी पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दिनभर शिविर लगाकर लोगों को दवा दी और क्लोरिन की गोलियां वितरित कीं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच के लिए 15 सैंपल भी भरे हैं।
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40 मंजिला सोसायटी में कुल 1620 फ्लैट हैं, जिसमें 1000 परिवार रहते हैं। सोसायटी निवासी शालिनी वर्मा ने बताया कि दूषित पानी के सेवन से हर घर में महिला व बच्चे पेट दर्द और उल्टी की समस्या से परेशान हैं। सोसायटी में एक सप्ताह से गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। आरोप है कि पानी के सेवन से लोगों को पेट दर्द, उल्टी, दस्त डायरिया जैसी बीमारी हो गई है। इससे करीब 250 से अधिक लोग पीड़ित हैं। लोगों ने यूजीआर का पानी दूषित होने का आरोप लगाया। 35 लोगों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, इस मामले में साया बिल्डर के मीडिया प्रभारी नीरज गुप्ता ने बताया कि लोग हीट स्ट्रोक के कारण बीमार हुए हैं। सावधानी बरतते हुए पानी के सैंपल भी जांच के लिए भेजा गया है। पानी के टैंकों की सफाई भी निरंतर कराई जा रही है।
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आठ माह से नहीं हुई टैंक की सफाई
नाराज लोगों ने कहा कि बिल्डर ने छह महीने में टैंक को साफ करने की बात कहीं थी लेकिन आठ महीने से टैंक की सफाई नहीं कराई गई है। टैंक में चारों तरफ काई जम गई है। गुस्साए लोग शुक्रवार को बिल्डर के मेंटेनेंस कार्यालय में भी गए और शिकायत दर्ज कराई।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम को गेट पर करना पड़ा एक घंटा इंतजार
मकनपुर सीएचसी मेडिकल अधीक्षक डॉक्टर स्मृति शर्मा ने बताया कि सोसायटी में संक्रामक बीमारी की सूचना मिली थी। वह अपनी पूरी टीम के साथ सोसायटी में सुबह नौ बजे पहुंच गईं। यहां उन्हें पहले गार्ड ने अंदर जाने से रोक दिया, इसके बाद अंदर से तमाम सवाल किए गए। करीब एक घंटे तक टीम को टहलाते रहे। इसके बाद वह खुद मेंटेनेंस स्टाफ से मिलने पहुंचीं और सरकारी आदेश होने की बात कही तब जाकर उन्हें स्वास्थ्य शिविर लगाने दिया गया। उन्होंने बताया कि शिविर में जिन लोगों की जांच हुई है उनमें डीहाइड्रेशन, डायरिया, उल्टी, दस्त की समस्या सामने आई है। सभी को दवाएं दी गई हैं और पीने के पानी को साफ करने के लिए क्लोरीन की गोलियां भी दी गईं हैं।
सोसायटी में गंदे पानी से हुए बीमार
सोसायटी में रहने वाले आनंद सिंह रावत ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से सोसायटी में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही थी, जिसके इस्तेमाल करने से उल्टी, दस्त हुए। पानी से बदबू भी आ रही थी।
दूषित पानी से बेटी हुई बीमार
रति ने बताया कि सोसायटी में दूषित पानी से बेटी को उल्टी, पेट दर्द की बीमारी हो गई। अब तीन दिन से बाहर का पानी खरीद कर पी रहे हैं। दो दिन पहले मुझे भी पेट दर्द और उल्टी हुई थी, दूसरे लोगों ने भी जब यही बताया तो सीधा शक पानी पर ही गया है। फिलहाल बाहर का पानी मंगवाकर पी रही हूं।