फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   people faces problem due to roadways bus strike

डिपो में कैद रहीं बसें, यात्रियों को सफर के दौरान उठानी पड़ी परेशानी

Wed, 12 Apr 2017 10:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Wed, 12 Apr 2017 10:00 PM IST
विज्ञापन
 people faces problem due to roadways bus strike
roadways bus strike - फोटो : अमर उजाला
निजी बस ऑपरेटरों को परमिट दिए जाने से नाराज रोडवेज कर्मचारियों के चक्का जाम के कारण तीसरे दिन भी एक भी बस नहीं चल पाई। पूरे दिन यात्री बसों के लिए मारे-मारे फिरते रहे। चक्का जाम पर सख्त सरकार ने पांच कर्मचारियों को निलंबित करने का आदेश दिया है। निलंबन से नाराज कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
विज्ञापन

 
बता दें शनिवार को जींद डिपो पर निजी बस ऑपरेटरों और रोडवेज कर्मचारियों के बीच झगड़े के बाद प्रदेशभर के रोडवेज कर्मचारी पिछले तीन दिन से हड़ताल पर हैं। सरकार भी निजी परमिट के मुद्दे पर पीछे नहीं हटना चाहती है। इसलिए अब सरकार एक्शन की स्थिति में आ गई है। 
विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक सरकार ने प्रदेश भर के 273 संभावित रूटों पर निजी बसें चलाने का फैसला लिया है। जिसके परिणामस्वरूप करीब 1600 परमिट जारी किए गए हैं। सरकार का दावा है कि परमिट नए नहीं हैं। फरीदाबाद में इस योजना के अंतर्गत सिर्फ एक परमिट पूजा ट्रांसपोर्ट को दिया गया है। पूजा ट्रांसपोर्ट के पास गत 15 साल से परमिट है। रोडवेज कर्मचारी एक सिरे से प्राईवेट परमिट को नकार रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


 कर्मचारियों की मानें तो प्राईवेट परमिट के माध्यम से सरकार निजीकरण को बढ़ावा दे रही है। जो रोडवेज निगम को बर्बादी की तरफ ले जाएगा। जबकि रोडवेज महाप्रबंधक राजीव नागपाल का कहना है कि कर्मचारियों की मांग नाजायज है। हर दिन अकेले फरीदाबाद डिपो को 15 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। यदि कर्मचारी हड़ताल की बजाए अन्य रास्तों से सरकार से बात करते तो संभवत: विभाग को आर्थिक संकट से नहीं जूझना पड़ता। 

चक्का जाम के कारण बुधवार को डिपो की 195 बसें कार्यशाला में खड़ी रही। बस बंद होने से यात्री दिन-भर डिपो के चक्कर लगाते रहे। सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण रूट और पलवल, सोहना व गुडग़ांव जाने वाले यात्रियों को हुई। हालांकि डीटीसी और यूपी रोडवेज सहित कुछ अन्य डिपो की बस बल्लभगढ़ बस स्टैंड के बाहर से चलती रही। लेकिन भीड़ के कारण लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।

रोडवेज कर्मचारियों को यात्रियों की सहुलियत से कुछ लेना-देना नहीं है। आधा घंटे से दो छोटे-छोटे बच्चों के साथ डिपो में घूम रहा हूं। लेकिन बस नहीं मिल रही। पता नहीं कैसे सोहना पहुंच पाऊंगा। रोज-रोज की हड़ताल गलत है। 

संदीप, यात्री 

सरकार निजी ऑपरेटरों को परमिट जारी कर निजीकरण को बढ़ावा दे रही है। हमें यात्रियों की सहुलियत का पूरा ख्याल है। हड़ताल अंतिम हथियार होता है। सरकार ने हमें हड़ताल करने पर मजबूर किया है। 
रणवीर शर्मा, डिपो प्रधान सर्व कर्मचारी महासंघ

इन कर्मचारियों को किया गया निलंबित 
शाहिद अहमद     चालक 
अनिल             चालक
सुरेश               चालक
सोनू                परिचालक
जयपाल            परिचालक 


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed