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कोरोना का सायाः बैंक्वेट हॉल की बुकिंग रद्द कर शादी के लिए धार्मिक स्थलों को चुन रहे लोग

Thu, 26 Nov 2020 01:58 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 26 Nov 2020 01:58 AM IST
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People choosing religious places by canceling banquet hall booking in delhi
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
शादी समारोह में 50 मेहमानों को ही शामिल करने की इजाजत का असर कारोबारियों पर भी पड़ने लगा है। दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक चलने वाली शादियों के दौरान बैंक्वेट हॉल पर जहां बुकिंग कैंसल हो रही हैं तो धार्मिक स्थलों पर शादियों की संख्या में कई गुना इजाफा होने लगा है।
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धार्मिक स्थलों पर होने वाली शादी के लिए बुग्गी और बैंडबाजा तो थे, लेकिन मेहमानों के आतिथ्य सत्कार के लिए खास इंतजाम नहीं थे। कुछ दूल्हे ऐसे भी हैं, जो विदेश से आकर भी आर्य समाज मंदिर में शादी रचाने के लिए बुकिंग करा चुके हैं। बुधवार को भी ऐसी शादियां हुईं।
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बड़े आयोजनों की बुकिंग रद्द
साकेत स्थित बैंक्वेट हॉल के मैनेजर आकाश ने बताया कि शादी में कम लोग होने की वजह से बैंक्वेट हॉल के बजाय अधिकतर लोग रेस्तरां या दूसरे विकल्पों को चुन रहे हैं।  पहले अधिक लोगों के लिए बुकिंग थी, जिन्हें रद्द करना पड़ा। द्वारका मोड़ स्थित एक बैंक्वेट हॉल के सदस्य राजू अरोड़ा ने बताया कि बुधवार को भी 300 मेहमानों के लिए एक पार्टी की बुकिंग थी, लेकिन 50 मेहमानों के लिए ही इजाजत होने की वजह से उन्हें मुनाफा नहीं होगा। 27, 30 नवंबर और नौ दिसंबर के लिए अधिक लोगों की पार्टी को कैंसल करना पड़ा। लोगों की संख्या घटाए जाने से कारोबार घटकर 25-30 फीसदी तक रह गया है।
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बैंडबाजा और घोड़ा-बग्गी वालों की रौनक भी कम
लोगों की संख्या कम होने के कारण बैंडबाजा और घोड़ा-बग्गी वालों की उम्मीदों पर भी पानी फिरने लगा है। शादियों के सीजन में उन्हें कमाई की उम्मीद होती है, लेकिन इस बार कम जगहों पर ही बुलाया जा रहा है। अगर बुलाया भी जा रहा है तो कम लोग होने की वजह से रौनक भी कम है।

पंडितों की कम नहीं हुई मांग
शादी समारोह में पंडितों की हर जगह मांग है। उन्हें मेहमानों की संख्या कम होने से कोई फर्क नहीं पड़ा है। डॉ. कर्णदेव आर्य शास्त्री ने बताया कि शादी के लिए उन्हें कई जगह से आमंत्रित किया गया है और उनकी कोशिश है कि अधिक से अधिक जोड़े को परिणय सूत्र में बांधकर अपना दायित्व निभा सकें।

कारोबारियों को उम्मीदें कम
कोरोना काल में इतनी बड़ी तादाद में शादियां होने की वजह से शाम के समय सड़कों पर जाम लगने लगा है। वहीं, 11-12 दिसंबर तक शादियों के साये के दौरान भी कारोबारियों को उम्मीदें कम है। इसके बाद 16 फरवरी को ही शादियां होंगी, जबकि कुछ लोग दिल्ली में लागू सख्ती से बचने के लिए दूसरे शहरों का भी रुख कर रहे हैं। इसके लिए वेडिंग प्लानर और अलग-अलग साइट्स भी लोगों के लिए मददगार साबित हो रही हैं। 

यूक्रेन की वधू ने भी आर्य समाज मंदिर में भारतीय संग रचाया विवाह
आर्य समाज मंदिर, हनुमान मंदिर रोड कनॉट प्लेस के प्रबंधक सुशील त्रिपाठी ने बताया कि मंदिर में बुधवार को 13 शादियां हुईं। इनमें यूक्रेन की वधू ने भी भारतीय युवक से शादी रचाई। शादियों की अधिक संख्या को देखते हुए अंदर ही दो जगहों पर इंतजाम किए गए हैं, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग सहित सभी नियमों का पालन करते हुए विवाह की रस्म पूरी की जा सके। एकादशी की महत्ता की वजह से बुधवार को 20 हजार से अधिक शादियां होने की संभावना जताई जा रही है।

सूची से किस मेहमान का हटाएं नाम 
कम मेहमानों के कारण शादियों का रंग फीका हो गया है। खासकर, शादी वाले घरों में सबसे बड़ी परेशानी यह आ रही है कि आखिरकार किस मेहमान का नाम सूची से हटाएं। अपने माता-पिता और रिश्तेदारों के अलावा बेहद नजदीकी दोस्त ही बुलाए जा रहे हैं। उनमें भी अगर कोई संक्रमित है तो कम लोग ही पहुंच रहे हैं। 


ऑनलाइन खरीदारी अधिक 
आभूषणों की दुकानों में भी इस साल भीड़ काफी कम हैं। कोरोना काल और सोने की कीमत के बीच बंदिशें लागू होने का असर ज्वैलरी और कपड़ों की खरीदारी पर भी पड़ा है। अधिकतर चीजें ऑनलाइन खरीदी जा रही हैं।
 
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