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'लोग तमाशा देखते रहे, भीड़ मेरे पिता को घसीटती रही'

Fri, 02 Oct 2015 11:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Fri, 02 Oct 2015 11:31 AM IST
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"People are watching pageant, the crowd was beating my father''

इकलाख की बेटी शाइस्ता को खौफनाक लोगों का चेहरा सोने नहीं दे रहा। सोमवार रात हुए हमले का वो मंजर याद कर उसके आंसू रुक नहीं पा रहे हैं। शाइस्ता ने अपना दुख बयां करते हुए कहा कि अगर गांव के लोगों को उन पर भरोसा नहीं था तो पुलिस लेकर आते।

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पुलिस जो कार्रवाई करती हमे मंजूर था, लेकिन मेरे पिता को यूं पीटकर मार दिया गया.. आखिर ये हक इन्हें किसने दिया। परिवार के लोग खाना खाकर सोने की तैयारी में थे।
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इसी दौरान एकाएक भीड़ घर में घुसती चली गई। खुद को बचाने के प्रयास में उसके पिता इकलाख और भाई दानिश ऊपर पहुंच गए। वहां पर वह अपनी मां के साथ मौजूद थी।

परिवार चीखता रहा, लेकिन मदद के लिए कोई नहीं आया

"People are watching pageant, the crowd was beating my father''

पिता और भाई ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। दरवाजा बंद करने के बाद ऊपर आए लोगों ने दरवाजा तोड़ दिया। फिर जिसके हाथ में जो भी था उसके भाई और पिता पर मारना शुरू कर दिया।

दोनों को घसीट-घसीटकर अधमरा कर दिया गया। परिवार चीखता रहा, लेकिन मदद के लिए कोई सामने नहीं आया। जो लोग कुछ दिन पहले ईद पर उनके घर दावत खाकर गए।

वही कैसे उनकी जान के दुश्मन बन गए, ये सोचकर रूह कांप उठती है।

‘कहीं सबक सिखाने के लिए तो नहीं किया बवाल’

"People are watching pageant, the crowd was beating my father''

जारचा कोतवाली क्षेत्र के बिसाहड़ा गांव में हुए बवाल के पीछे कहीं दो परिवारों के खराब रिश्ते तो नहीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार मुमकिन है सिर्फ सबक सिखाने के लिए ही इतना बड़ा बवाल खड़ा किया गया। सूत्रों की मानें तो बिसाहड़ा की घटना एकदम नहीं हुई है। इसकी आग तो काफी पहले से ही सुलग रही थी।


बताते हैं कि अलग अलग धर्मों के लड़के-लड़की के बीच इतना गहरा संबंध हो गया कि गांव के दबंगो को नागवार गुजरा। दोनों परिवार भी नहीं चाहते थे कि यह ‘गहरे संबंध कहीं किसी बड़ी सामाजिक बदनामी’ की घटना को अंजाम न दे दें।

बताया जाता है कि कई बार समझाया भी गया लेकिन अंतत: शायद सबक सिखाने के लिए ही साजिश के तहत ही 28 सितंबर की रात को घटना हो गई। पुलिस में दर्ज रिपोर्ट में पशुवध का मामला ही नहीं है।

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दो युवकों ने जबरन घोषणा करवाई : पुजारी

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बिसाहड़ा गांव में सोमवार को पशुवध के विरोध में हुए हंगामे की असली वजह मंदिर से की गई घोषणा थी। मंदिर के पुजारी ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि रात में दो युवकों ने जबरन उनसे घोषणा करवाई कि गांव में पशुवध हुआ है।

सभी लोग ट्रांसफार्मर के पास जमा हो जाएं। वहीं, दर्ज हुई एफआईआर में गौमांस जैसी किसी बात का कोई जिक्र नहीं किया गया है। पुलिस का दावा है कि गौवध करने का आरोप इकलाख पर हमला करने वाले आरोपियों ने लगाया था।

बिसाहड़ा बवाल में घायल दानिश की हालत गंभीर बनी हुई है। सेक्टर-27 स्थित कैलाश अस्पताल में उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी बीबी जोशी ने बताया कि दानिश को गंभीर चोटें लगी हैं। डॉक्टरों की टीम उसकी हालत पर नजर बनाए हुए है।

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