PCR खड़ी रही, और इंजीनियर लुट गया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोएडा के सेक्टर-24 स्थित एनटीपीसी ऑफिस के पास बृहस्पतिवार देर रात मल्टी नेशनल कंपनी में कार्यरत सॉफ्टवेयर इंजीनियर से बाइक सवार दो बदमाशों ने लूटपाट की।
इतना ही नहीं घटनास्थल से 100 मीटर की दूरी पर पीसीआर भी खड़ी थी लेकिन बदमाशों पर उनका खौफ बिल्कुल भी नहीं दिखा। हालांकि, शुक्रवार दोपहर सेक्टर-24 थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। वहीं, पीड़ित की रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय पुलिस वाले उसे सीमा विवाद बता कर परेशान करते रहे।
मदनपुर खादर, दिल्ली निवासी जवाहर लाल सरकार (25) सेक्टर-58 स्थित एक एमएनसी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। वह बृहस्पतिवार रात करीब 1 बजे बाइक से ऑफिस से घर जा रहे थे।
एनटीपीसी ऑफिस से थोड़ी दूरी पर पुरानी बाइक सवार दो बदमाशों ने उनकी बाइक में पीछे से टक्कर मार दी। इसके बाद एक बदमाश ने जवाहर की बाइक की चाभी निकाल ली और दूसरे ने पिस्टल उन पर तान दी। उन्होंने बताया कि बदमाश बाइक, पर्स व मोबाइल लूट ले गए।
पुरानी छोड़कर नई बाइक ले गए लुटेरे
पीड़ित ने बताया कि जिस बाइक से बदमाश वारदात को अंजाम देने आए थे, वह काफी पुरानी व टूटी-फूटी थी। बदमाश अपनी बाइक घटनास्थल पर छोड़कर उनकी नई बाइक से भाग गए। उन्होंने बताया कि घटनास्थल से मात्र 100 मीटर की दूरी पर पीसीआर 35 खड़ी थी। मगर पुलिस को पता भी नहीं चला।
जवाहर ने बताया कि घटना के बाद जब उन्होंने पीसीआर-35 में बैठे पुलिसकर्मियों को घटना के बारे में बताया तो पुलिसकर्मियों ने दूसरे थाने का मामला बताते हुए कहा कि यह घटना उनकी सीमा के भीतर नहीं हुई है। इसके बाद जवाहर को पैदल ही सेक्टर-24 थाने जाना पड़ा, जहां रात 3 बजे तक पुलिस ने उन्हें थाने में बैठाया और रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की। हालांकि, शुक्रवार दोपहर में उनकी रिपोर्ट दर्ज की गई।
उन्होंने बताया कि उन्हें रात 3 बजे रात तक थाने में बैठाए रखा गया। बाद में पुलिस ने उनसे सुबह आने को कहा। पीड़ित के पास घर जाने के लिए पैसे भी नहीं बचे थे। उन्होंने जब पुलिसकर्मियों से घर तक छोड़ने को बोला तो पुलिस वालों डांट दिया। इसके बाद वो 12 किलोमीटर पैदल चलकर थाने से घर पहुंचे। सुबह 5:30 बजे पीड़ित घर पहुंच सके। उन्होंने कहा कि नोएडा पुलिस में मानवता बिल्कुल भी नहीं बची है।