अस्पताल में शर्मसार करने वाली घटना: महिला को बेड से बांधकर तड़पता छोड़ा
एक मरीज को बेड से बांधा, दूसरे को नहीं किया भर्ती
- जिला अस्पताल में शर्मसार करने वाली घटनाएं
- दोनों मरीज मानसिक रूप हैं बीमार
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विस्तार
जिला अस्पताल में मंगलवार को शर्मसार करने वाली दो घटनाएं सामने आईं। पहले मामले में मानसिक रूप से बीमार एक महिला को अस्पताल के स्टाफ ने बेड से बांधकर घंटों छोड़ दिया। इसके बाद वह बेड पर ही तड़पती रही।
वहीं दूसरे मामले में मानसिक रूप से बीमार एक दूसरे शख्स को तो भर्ती ही नहीं किया गया। वह पूरे दिन अस्पताल में भटकता रहा। उसे किसी ने वहां पहुंचाकर छोड़ दिया था। दरअसल, जिला अस्पताल में सोमवार की रात को पुलिस ने एक महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जो कि मानसिक रूप से बीमार थी।
पुलिस मरीज को अस्पताल में छोड़कर चली गई। उसके बाद अस्पताल प्रशासन ने मानवता को तार-तार करते हुए उस महिला को इमरजेंसी वार्ड में बेड से बांधकर अपने हाल पर छोड़ दिया। महिला इस हालत में बुरी तरह से तड़पती रही, लेकिन अस्पताल प्रशासन को जरा भी दया नहीं आई।
अस्पताल प्रशासन का कहना था कि मरीज परेशान कर रहा था, जिस वजह से उसके हाथ बांधकर रखे गए थे। यही नहीं अस्पताल प्रशासन ने उस दौरान वार्ड में भर्ती दूसरे अन्य मरीजों को दूसरे वार्ड में भर्ती कर दिया। महिला तड़पती रही, लेकिन किसी ने उसके हाथ नहीं खोले।
दूसरे अस्पताल में रिफन करने की नहीं उठाई जहमत
वहां मौजूद स्टाफ का कहना था कि जिला अस्पताल में दिमागी रूप से बीमार मरीज का इलाज संभव नहीं है, लेकिन यह सब जानते हुए भी अस्पताल प्रशासन ने महिला को दूसरे अस्पताल में रेफर करने की जहमत नहीं उठाई।
उधर, रामप्रवेश नामक एक मरीज को कोई अस्पताल में छोड़कर चला गया था। जिसकी दिमागी हालत ठीक नहीं होने की बात बताई गई। वह पूरे दिन अस्पताल में भटकता रहा, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उस पर कोई ध्यान नहीं दिया।
इस बाबत सीएमओ डॉक्टर सुभाष गुप्ता ने बताया कि मानवता के नाते किसी मरीज के हाथ बांधकर नहीं रखने चाहिए। अगर अस्पताल में इलाज संभव नहीं है तो उसे रेफर कर देना चाहिए। अगर ऐसा नहीं किया गया है तो फिर दवाई देकर मरीज को कुछ देर के लिए शांत किया जा सकता है।